आज माघी पूर्णिमा का स्नान है। प्रयागराज माघ मेले में कल्पवासी स्नान कर आज रवाना होंगे। हालांकि, ऐसा पहली बार हो रहा है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में स्नान नहीं किए। इस बार वह काशी में अपने मठ में हैं। दरअसल, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर स्नान के जिए जा रहे शंकराचार्य की पालकी पुलिस ने रोक दी। शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने शिखा पकड़ कर चौकी में घसीटा। इसके बाद माघ मेले में 11 दिन अपनी मांगों को लेकर शंकराचार्य उसी जगह बैठे रहे, जहां पुलिस उन्हें छोड़कर गई थी। 28 जनवरी की दोपहर वह माघ मेला छोड़कर काशी के लिए रवाना हुए। इसी बीच यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने शनिवार को अलीगढ़ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर कहा- यदि उन्हें राजनीति ही करनी है, तो फिर उन्हें खुलकर मैदान में आ जाना चाहिए। उन्हें किसी राजनीतिक दल को जॉइन कर उस पार्टी का झंडा-डंडा लेकर जनता के बीच निकलना चाहिए, क्योंकि महात्माओं को ऐसी राजनीति शोभा नहीं देती। राजभर बोले- संत का काम ‘पार्टीबंदी’ करना नहीं राजभर ने कहा- साधु-संतों का काम समाज में भाईचारा फैलाना है, न कि राजनीतिक दलों की तरह ‘पार्टीबंदी’ करना। वह आजकल एक धर्मगुरु के बजाय विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। साधु-संत का काम होता है समाज में अमन-चैन कायम करना। अपने धर्म की सही जानकारी देना। कोई भी धर्म आपस में बैर करना नहीं सिखाता, लेकिन शंकराचार्य जी जिस तरह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ बोल रहे हैं, वह अच्छी बात नहीं है। शंकराचार्य पर अनूप जलोटा बोले- हर व्यक्ति को सोचकर बोलना चाहिए भजन सम्राट अनूप जलोटा शनिवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने संत रविदास की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित भजन संध्या में शिरकत की। दैनिक भास्कर से बातचीत में जलोटा ने शंकराचार्य के मामलों पर कहा- भले ही मत अलग हों, लेकिन सभी की वाणी मधुर होनी चाहिए। हर व्यक्ति को सोच-समझकर बोलना चाहिए, योगी-मोदी ने सकारात्मक माहौल बनाया। सांसद मनोज तिवारी बोले- योगी से हिंदू का प्रमाण मांगने वाले पर संदेह शंकराचार्य के CM योगी से हिंदू होने का प्रमाण मांगने वाले बयान पर वाराणसी में सांसद मनोज तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा- अगर योगी आदित्यनाथ से कोई हिन्दू होने का प्रमाण मांगता है तो उस व्यक्ति के अपने हिन्दू होने पर ही संदेह होता है। योगी जी का पूरा जीवन सनातन संस्कृति और हिंदू समाज की सेवा में समर्पित रहा है। मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- शंकराचार्य के आका करते थे गोकशी बरेली में शनिवार को पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद गोकशी पर सफेद झूठ बोल रहे हैं। यूपी में जिस गोकशी की बात वो कर रहे हैं, वह दरअसल अविमुक्तेश्वरानंद के ‘आकाओं’ का काम रहा है। वह कथित गोकशो के दबाव में आकर प्रदेश में भ्रम और अराजकता फैलाना चाहते हैं। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योगी सरकार अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य नहीं मानती है। शंकराचार्य कोई सरकारी नियुक्ति या संवैधानिक पद नहीं है, बल्कि यह मठों और परंपराओं का विषय है। सरकार किसी भी ऐसे व्यक्ति को मान्यता नहीं देगी, जो धार्मिक पद की आड़ में जनता के बीच भ्रम फैलाता हो। अविमुक्तेश्वरानंद को बद्रीनाथ कपाट खुलने पर बतौर ‘शंकराचार्य’ बुलाया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले होने वाली सबसे अहम रस्म के लिए निमंत्रण भेजा गया है। इन्हें बतौर शंकराचार्य बुलाया गया है। यह न्योता ऐसे समय भेजा गया है, जब शंकराचार्य और प्रयागराज माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद चल रहा है। प्रशासन ने उनसे शंकराचार्य होने के सबूत मांगे थे। उन्होंने इसका जवाब भी दिया है। इसके बाद वह मेला छोड़कर काशी चले गए। शुक्रवार को उन्होंने सीएम योगी से हिंदू होने का सबूत मांगा। उन्हें 40 दिन का समय दिया है। श्री बद्रीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष पंडित आशुतोष डिमरी ने बताया- शंकराचार्य को यह न्योता 25 जनवरी को भेजा गया था। इसमें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से ऋषिकेश से बद्रीनाथ धाम तक निकलने वाली गाड़ू घड़ा यात्रा में शामिल होने की अपील की गई है। गाड़ू घड़ा यात्रा बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले निभाई जाने वाली प्रमुख परंपरा है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। भगवान बद्री विशाल के अभिषेक और अखंड ज्योति के लिए इस्तेमाल होने वाला तिल का तेल इसी यात्रा के जरिए धाम तक पहुंचाया जाता है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले-योगी 40 दिन में हिंदू होने का प्रमाण दें:गाय को गोमाता घोषित करें, वरना मानेंगे सिर्फ दिखावे के लिए गेरुआ पहना प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- मुझसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया। वह मैंने दे दिया। मेरे प्रमाण सच्चे थे, इसलिए उन्हें मानना पड़ा। अब प्रमाण मांगने का समय पीछे छूट गया। अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए। पढ़िए पूरी खबर
मंत्री राजभर बोले- शंकराचार्य पार्टी जॉइन कर राजनीति करें:अनूप जलोटा बोले- सभी को सोचकर बोलना चाहिए, माघी पूर्णिमा पर काशी में अविमुक्तेश्वरानंद
