हरियाणा रोडवेज में किलोमीटर स्कीम की बसों पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज एक्शन लेंगे। किलोमीटर स्कीम बसों में ड्राइवर अनुभवी न होने के सवाल पर मंत्री अनिल विज बोले-ड्राइवरों का अब आगे से टेस्ट लिया करेंगे। फिर ड्राइवर लिया करेंगे। यह भी कहा कि ये प्राइवेट बसें है और स्कीम की है। किलोमीटर स्कीम की बसों के बार-बार हादसों के सवाल पर मंत्री विज हंसकर टाल गए। दरअसल, इन किलोमीटर स्कीम की बसों के अक्सर हादसे होते हैं। इन पर अंकुश लगाना जरूरी है। अब देखना होगा कि इन आदेश का धरातल पर कब तक असर देखने को मिलेगा। अगर रोडवेज की तरह किलोमीटर बसों में भी ड्राइवरों का टेस्ट लिया जाने लगा और उनकी समय-समय पर मॉनिटरिंग होगी तो हादसों पर रोक लगाई जाएगी। इसका सबसे बड़ा असर रोडवेज विभाग पर पड़ता है, क्योंकि किलोमीटर स्कीम की बसें देखने में रोडवेज बस की तरह है। यात्रियों को आसानी से पता नहीं चलता, वे रोडवेज समझकर इन बसों में सफर करते हैं। जब इन किलोमीटर स्कीम के ड्राइवर लापरवाही बरतते हैं या एक्सीडेंट करते हैं तो इससे रोडवेज बसों की छवि भी धूमिल होती है। शुरू में पता भी नहीं चलता। आमजन में ये रहता है कि रोडवेज की बस का एक्सीडेंट होता है। हालांकि, रोडवेज की बसें सुगम सफर में देशभर में मशहूर है। इन किलोमीटर बसों के प्रति रोडवेज यूनियन में भी काफी नाराजगी है। सबसे बड़ा कारण ये किसी भी किलोमीटर स्कीम की बस का एक्सीडेंट होता है तो ड्राइवर हटा दिया जाता है और दूसरा ड्राइवर भेज दिया है। वह भी एक्सीडेंट में शामिल होता है तो उसे बदल दिया जाता है। रोडवेज अधिकारियों की ओर से किलोमीटर स्कीम बस के संचालक को नोटिस जारी कर दिया है। उसका जवाब कभी आता है तो कभी नहीं। इसके आगे कार्रवाई नहीं बढ़ती। यदि कोई ड्राइवर हादसे के बाद फरार हो जाए तो उसका बाद में पता चलाना भी मुश्किल हो जाता है कि वह कौन सा ड्राइवर था। इनके न सीरियल नंबर या कोड नंबर और न ही कोई रिकॉर्ड। न जांच होती है। इनको कोई चेक नहीं करता है कि वह किस स्थिति में हैं। अगर इसकी जगह रोडवेज का ड्राइवर होता है तो उसे सस्पेंड कर दिया जाता है। उसके खिलाफ विभागीय जांच चलती है और उसे बर्खास्त तक कर दिया जाता है। सिरसा में शराबी ड्राइवर यात्रियों से भरी बस ले गया था, बाल-बाल बचे हाल ही में सिरसा में एक शराबी ड्राइवर किलोमीटर स्कीम की बस यात्रियों से भरी बस स्टैंड से रूट पर ले गया। बस को ऐलनाबाद जाने के बजाय डबवाली रोड पर ले गया था। जब वह बस को टेढी-मेढ़ी चला रहा था और किसी भी स्टेशन पर रोक नहीं रहा था। तब सवारियों को ड्राइवर पर शराब पीने का शक हुआ तो किलोमीटर स्कीम की बस को रूकवा ली। उस वक्त ड्राइवर शराब के नशे में धुत था। इसकी सूचना पर रोडवेज अधिकारियों ने दूसरे ड्राइवर को भेजकर बस को ऐलनाबाद के लिए रवाना किया। किलोमीटर स्कीम बस संचालक को नोटिस जारी किया और उस ड्राइवर को चेतावनी देते हुए ब्लैक लिस्ट कर दिया। वहीं, रोडवेज जीएम अनीत कुमार के अनुसार, उक्त ड्राइवर आज के बाद इन लीज की बसों में नहीं चलाते मिलेगा। ऐसा हुआ तो बस संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
किलोमीटर स्कीम बसों पर मंत्री विज बोले-ड्राइवरों का टेस्ट लेंगे:हादसों के सवाल पर हंसकर टाल गए, सिरसा में शराबी-ड्राइवर ले गया था बस
