10 लाख की व्यवस्था रखना, अफसर 6 लाख लेंगे:खुफिया कैमरे पर बोला आयुष्मान सीईओ का पीए छोटेलाल; मार्च तक अस्पताल इमपेनल्ड करने का भरोसा

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एमपी के किसी भी प्राइवेट अस्पताल को आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड कराना है तो आयुष्मान विभाग के अफसर 10 लाख रुपए लेते हैं। इनमें सभी का हिस्सा बंटा होता है। अफसरों के पास सबसे ज्यादा हिस्सा पहुंचता है। ये खुलासा आयुष्मान के सीईओ योगेश भरसट के पीए छोटेलाल ने भास्कर के खुफिया कैमरे पर किया है। भास्कर रिपोर्टर छोटेलाल से एक प्राइवेट अस्पताल संचालक बनकर मिला। उसे बताया कि राजगढ़ में एक अस्पताल है जिसे आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड करना है। छोटेलाल ने दो बार मीटिंग की। पहली मीटिंग के बाद आयुष्मान के महाप्रबंधक ऑपरेशनल इंद्रजीत सिकरवार से मिलने को कहा। सिकरवार ने भी भरोसा दिया कि अस्पताल इमपेनल्ड हो जाएगा। दूसरी मीटिंग में छोटेलाल बोला कि सीईओ बाहर ट्रेनिंग पर गए है, लौटेंगे तो हाथों हाथ काम हो जाएगा। दरअसल, भास्कर रिपोर्टर ने करीब 15 तक आयुष्मान विभाग की रैकी की और यहां लोगों से मुलाकात कर इसके सिस्टम को समझा। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट 2 में पढ़िए कि किस तरह से प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड कराने के लिए अफसर डील करते हैं… सिलसिलेवार जानिए किससे क्या बात हुई… 1. आयुष्मान मित्र संदीप सिंह बोला- छोटेलाल से मिलो
भास्कर रिपोर्टर ने 15 दिन तक आयुष्मान दफ्तर जाकर कई लोगों से मुलाकात की। उन कड़ियों को तलाशा जो प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना में इमपेनल्ड करने के लिए डील करते है। इसी सिलसिले में एक कैफे में हमारी मुलाकात आयुष्मान मित्र संदीप सिंह से हुई। 2. आयुष्मान सीईओ का पीए बोला आप 10 की व्यवस्था रखना
संदीप के बताए मुताबिक हम जेपी अस्पताल के आयुष्मान विभाग के फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे और सीईओ योगेश भरसट के पीए छोटेलाल के बारे में पूछा, तो वो मीटिंग में थे। प्यून ने एक घंटे बाद आने के लिए कहा। एक घंटे बाद जब दोबारा पहुंचे, तो प्यून बोला- अस्पताल के लिए आए हो। आप छोटेलाल जी को फोन लगा लीजिए, मैंने उन्हें बता दिया है। भास्कर रिपोर्टर ने छोटेलाल को कॉल किया… छोटेलाल: कहां से आए हैं? रिपोर्टर:हम राजगढ़ से आए है, हमारा नर्सिंगहोम है, इमपेनल नहीं हो पा रहा। छोटेलाल: आप चार इमली के साई मंदिर आ जाइए। छोटेलाल यहां सड़क के दूसरी तरफ खड़ा था। उसने इशारा कर रिपोर्टर को बुलाया। छोटे लाल ने नाम पूछा तो रिपोर्टर ने अपना नाम राजेश वर्मा बताया और आने का मकसद भी बताया। । 3. छोटेलाल ने महाप्रबंधक ऑपरेशन से मिलाया
जब भास्कर रिपोर्टर ने आयुष्मान सीईओ के पीए छोटेलाल का भरोसा जीता, तो उसने आयुष्मान के महा प्रबंधक ऑपरेशनल इन्द्रजीत सिकरवार से बात की। सिकरवार ने हमने मिलने की हामी भर दी। छोटेलाल ने कॉल किया कि आयुष्मान के दफ्तर चले जाना, साहब मिल लेंगे। वहां पहुंचकर मुझे फोन लगा देना। छोटेलाल के कहने पर भास्कर रिपोर्टर इंद्रजीत सिकरवार से मिलने पहुंचा। सिकरवार की तरफ से इशारा किए जाने के बाद प्यून हमारे पास आया। उसने एक स्लिप दी जिसे भरने को कहा। इस स्लिप के एक कॉलम में लिखा था किसके द्वार भेजा गया। इसमें छोटेलाल के नाम की एंट्री करने के लिए हमें बुलाया गया। सिकरवार से भास्कर रिपोर्टर की बातचीत हुई… सिकरवार: कहां से आये आप ? रिपोर्टर: माचलपुर, राजगढ़ सिकरवार: माचलपुर कहां है ये ? राजस्थान बॉर्डर लगती है क्या? रिपोर्टर: जी, भोजपुर से आगे बॉर्डर लग जाती है… सिकरवार: अच्छा रिपोर्टर: छोटेलाल जी से बात हुई थी.. सिकरवार: बताए, क्या काम है अपना? रिपोर्टर: राजगढ़ में हमारा नर्सिंगहोम है। बहुत दिनों से उसका आयुष्मान रुका है। सिकरवार: कितने बेड का अस्पताल है ? रिपोर्टर: तीस बेड का है… सिकरवार: स्पेशलिस्ट है क्या? रिपोर्टर: आर्थो और गायनिक है। हर बार में इमपेनल्ड के लिए अप्लाई करते हैं लेकिन हो नहीं रहा। सिकरवार: करवा देंगे, हो जाएगा.. 4. छोटेलाल ने दोबारा बुलाया इस बार बोला- 10 लाख लगेंगे
इंद्रजीत सिकरवार से बातचीत के 3 दिन बाद छोटेलाल ने भास्कर रिपोर्टर को कॉल किया और होशंगाबाद रोड स्थित एक कैफे में मीटिंग के लिए बुलाया। इस मीटिंग में छोटेलाल ने रिपोर्टर से सीधे 10 लाख मांगे। ये भी कहा कि इसमें से 6 लाख अफसरों को देना पड़ेगा। पढ़िए बातचीत… छोटेलाल: साहब..से बात हो गई आपकी रिपोर्टर: जी बात हो गई, उन्होंने आपसे मिलने का बोला था। अपना काम हो जाएगा क्या? छोटेलाल: मार्च में हम 200 से ज्यादा हॉस्पिटल को पैनल से हटाएंगे। नए अस्पतालों को इमपेनल्ड करेंगे। सिकरवार साहब सीईओ साहब( योगेश भरसट) को बोल देंगे। अपना काम हो जाएगा। रिपोर्टर: अपना काम सिकरवारजी करेंगे या सीईओ साहब छोटेलाल: सिकरवार सर कर देंगे रिपोर्टर: इमपेनल्ड वाली मीटिंग काफी लंबे समय बाद होती है छोटेलाल: इस बार हुई है सर, 8 महीने हो गए रिपोर्टर: कोई खास कारण पीए: लोगों को मार्केट में ऐसी बन गई है कि इमपेनल पैसों में हो रहा है… इसके बाद छोटेलाल ने कहा कि अब वो जाना चाहता था। उसने भास्कर रिपोर्टर से पूछा कि वापस कब आएंगे। जब रिपोर्टर ने कहा कि अगले हफ्ते आना होगा, तो वह बोला कि शनिवार-रविवार आना सीधे सिकरवार साहब के घर चलेंगे। वो अपने सामने ही सीईओ साहब को फोन लगा देंगे और अपना काम हो जाएगा। भास्कर इन्वेस्टिगेशन पार्ट-1 भी पढ़िए अस्पताल-मरीज-डॉक्टर…सबका सौदा; भास्कर के कैमरे पर खुलासा एमपी में केंद्र की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना मेडिकल माफिया के कब्जे में है। एक शख्स के नाम पर कई अस्पतालों का संचालन हो रहा है। योजना में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल डॉक्टरों को किराए पर रखते हैं। पूरी खबर पढ़ें…