जनवरी के आखिरी दिनों में मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। रात में कड़ाके की ठंड से राहत मिली है तो दिन में बादल और हल्की बूंदाबांदी वाला मौसम भी है। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल में ऐसा ही मौसम रहा, जबकि शनिवार सुबह कोहरे का असर है। हालांकि, अगले 2 दिन तक प्रदेश में तेज ठंड नहीं पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान के ऊपर एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) एक्टिव है। इससे जुड़ी हुई एक ट्रफ भी है। इस वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में बादल छाए रहे। कुछ जगहों में बूंदाबांदी भी हुई। वहीं, भोपाल में दोपहर बाद बादल छा गए। इस वजह से दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट हुई है। शनिवार को बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह के समय ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हल्के से मध्यम कोहरा रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन में भी हल्का कोहरा दर्ज किया गया। एक और सिस्टम कराएगा बारिश
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत को 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित कर सकता है। फिलहाल यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग दिखाई दे रहा है। जिससे एमपी में भी बारिश होने का अनुमान है। इसके अनुसार, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच और मंदसौर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। दो दिन तेज ठंड नहीं
मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं जताया है। वहीं, सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। शुक्रवार को भी सतना, नौगांव, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, मलाजखंड आदि शहरों में कोहरा देखने को मिला। भोपाल-इंदौर में 17 डिग्री से ज्यादा पारा, कल्याणपुर सबसे ठंडा
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान में काफी बढ़ोतरी हुई। भोपाल और इंदौर में तापमान 17 डिग्री के पार पहुंच गया। इस सीजन जनवरी में पहली बार पारा इतना लुढ़का। भोपाल में 17.4 डिग्री, इंदौर में 17.3 डिग्री, ग्वालियर में 13.5 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में तापमान 14.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, चित्रकूट में 8.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 8.6 डिग्री, रीवा में 8.4 डिग्री, खजुराहो में 9.4 डिग्री और मंडला में पारा 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
ग्वालियर-चंबल में बादल, बूंदाबांदी…फिर कोहरा:MP में 2 दिन तेज ठंड से राहत; 27 जनवरी से गिरेगा मावठा
