कांग्रेसी सोनिया दूहन के घर पहुंचे BJP मंत्री-विधायक:बोलीं- होगी तो केंद्र से ही एंट्री; हिसार में हुड्डा के मंच पर मिसबिहेव हुआ था

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हिसार में कांग्रेस नेता सोनिया दूहन के घर BJP मंत्री-विधायक की चाय-पानी कार्यक्रम ने सियासी हलकों में चर्चाएं छेड़ दी हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा दूहन को अपने पाले में लाने की कोशिश में है, ताकि यहां जाट वोटरों के साधने में मदद मिले। दूहन के घर पर भाजपा नेताओं की चाय पीते की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं। इनमें नायब सरकार के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और नलवा विधायक रणधीर पनिहार नजर आ रहे हैं। हालांकि, सोनिया दूहन ने पार्टी बदलने की अटकलों पर कहा- “अभी कहीं जाने का इरादा नहीं है। यह एक पारिवारिक मुलाकात थी।” यहां बता दें कि साल 2024 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दीपेंद्र हुड्डा के मंच पर सोनिया के साथ मिसबिहेव हुआ था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद कुमारी सैलजा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। दूहन कांग्रेस में टिकट के दावेदारों में शामिल रही हैं। वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय रह चुकी हैं। भाजपा नेताओं से दूहन की मुलाकात के PHOTOS… CJI के हिसार-हांसी दौरे के दौरान 2 सियासी मुलाकातें विधायक के घर भी गए केंद्रीय मंत्री
9 व 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत हिसार व हांसी में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। CJI के कार्यक्रमों में केंद्रीय व राज्य के मंत्री भी पहुंचे। इसी दौरान पेटवाड़ गांव में CJI के कार्यक्रम में आए केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री विधायक जस्सी के घर भी गए। इस दौरान भाजपा मंत्री महीपाल ढांडा, रणधीर पनिहार, मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। विधायक मुलाकात को सामाजिक बता रहे
हालांकि, विधायक जस्सी इस मुलाकात को सामाजिक बता रहे हैं। मगर चर्चा ये भी है कि भाजपा की नजर कांग्रेस नेताओं के बहाने जाट क्षेत्र में पकड़ मजबूत बनाने की है। बताया जा रहा है कि जस्सी पेटवाड़ के घर केंद्रीय मंत्री के जाने से कैप्टन अभिमन्यु के कैंप में मायूसी है। दोनों नेता एक दूसरे के विरोधी माने जाते हैं और 2024 विधानसभा चुनाव इन्होंने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। दैनिक भास्कर एप ने मुलाकात पर सोनिया दूहन से पूछे सवाल… सवाल: आपके घर भाजपा नेता आए थे‌?
सोनिया: हां, मेरे घर के सामने ही CJI का कार्यक्रम था, इसलिए सभी नेता मेरे घर भी आए थे। महीपाल ढांडा हमारे रिश्तेदार भी हैं। मेरी दादी ढांडा गौत्र की हैं। सवाल: क्या आप BJP में जा रही हैं?
सोनिया: नहीं, मेरा अभी कहीं जाने का इरादा नहीं है। भाजपा नेता मेरे घर सिर्फ चाय पीने आए थे। सवाल: आप कांग्रेस में हैं या एनसीपी में है?
सोनिया: मैं कांग्रेस में हूं। मगर कांग्रेस वाले ही कुछ नेता मुझे कांग्रेसी नहीं मानते। यहां का विधायक तो बिल्कुल ही नहीं। सवाल: क्या आप भविष्य में भाजपा जॉइन करेंगी?
सोनिया: अभी तो फिलहाल कोई इरादा नहीं है। मगर, अगर कहीं गई तो केंद्र से ही मेरी एंट्री होगी। दीपेंद्र हुड्‌डा के मंच पर हुआ था अभद्र व्यवहार
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान करीब 3 सितंबर 2024 को नारनौंद में कांग्रेस के मंच पर महिला नेता से मिसबिहेव हुआ था। मंच कांग्रेस के उम्मीदवार जस्सी पेटवाड़ का था। कांग्रेस ने यहां से सैलजा के करीबी समर्थक अजय चौधरी का टिकट काटकर हुड्‌डा ग्रुप से जुड़े जस्सी पेटवाड़ को प्रत्याशी बनाया था। इस घटना पर सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि यह घटना निंदनीय है, इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मगर आज तक कांग्रेस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। सोनिया ने गुरुग्राम के होटल से विधायकों को छुड़वाया था
सोनिया दूहन उस समय चर्चा में आईं जब 2019 में उन्होंने गुरुग्राम के ओबेरॉय होटल से NCP के 4 विधायकों दौलत दरोडा, नरहरि जिरवाल, नितिन पवार और अनिल पाटिल को बाहर निकाला था। ये विधायक अजीत पवार की बगावत के बाद BJP के साथ जाने की तैयारी में थे। हरियाणा सरकार इन विधायकों पर नजर रख रही थी। इसके बावजूद सोनिया अपने विधायकों को वहां से ले जाने में कामयाब रही थीं। कांग्रेस ने BJP से करीब दोगुने टिकट जाटों को दिए थे
कांग्रेस ने 2024 के चुनाव में 90 में से 27 सीटों पर जाट बिरादरी के कैंडिडेट उतारे थे। इनमें से 13 जीते। गैर-जाट की राजनीति करने वाली BJP ने 16 सीटों पर जाट नेताओं को उतारा था। उसके 6 उम्मीदवार ही विजयी रहे थे। 13 सीटों पर दोनों पार्टियों के जाट कैंडिडेट आमने-सामने थे। इनमें से 9 सीटें कांग्रेस और 4 भाजपा ने जीतीं। बीजेपी अभी से मिशन 2029 की तैयारी में
बीजेपी ने हरियाणा में मिशन 2029 की तैयारी शुरू कर दी है। 2024 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद पार्टी ने 42 ऐसे विधानसभा क्षेत्रों में 12 मंत्रियों और 30 विधायकों को प्रभारी बनाया है, जहां 2024 में चुनाव में हार हुई थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत छह विधायकों को हारे हुए विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी से अलग रखा गया है। मुख्यमंत्री के पास पूरे राज्य की निगरानी है।