कुरुक्षेत्र में लोहड़ी के जश्न में शामिल हुए CM सैनी:भगवा पगड़ी पहनकर पत्नी संग डाली आहुति; नायब बोले- अपने संकल्प पूरे किए

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रविवार को कुरुक्षेत्र में अपनी विधानसभा लाडवा में लोहड़ी और मकर संक्रांति का त्योहार धूमधाम से मनाया। वे अपनी पत्नी सुमन सैनी के साथ यहां पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जश्न में शामिल हुए। सीएम ने पारंपरिक भगवा पगड़ी पहनी हुई थी। शिवाला रामकुंडी में आयोजित कार्यक्रम में लोहड़ी के पारंपरिक गीत गाए। पूजा-अर्चना के बाद आग में मूंगफली, तिल और पॉपकॉर्न की आहुतियां डाली गई। साथ ही आग के चारों तरफ परिक्रमा की गई। कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा भी शामिल हुए। सीएम का लाडवा से लगाव सीएम नायब सैनी का लाडवा से गहरा नाता है, क्योंकि ये उनकी अपनी विधानसभा है। वे यहां के लोगों से सीधे जुड़े रहते हैं। इससे पहले भी उन्होंने यहां जन्माष्टमी और दिवाली का त्योहार मनाया था। सीएम पंजाब में आयोजित कार्यक्रम के बाद सीधा यहां पहुंचे थे। महिलाओं को बनाया सशक्त कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी ने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अभी तक 280 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित की गई है। अपना वादा पूरी कर रही सरकार सीएम नायब सैनी ने कहा कि हमारी सरकार अपने चुनावी वादे भी पूरा कर रही है। हमने संकल्प लिया था कि माता-बहनों को 500 रुपए में गैस सिलेंडर देंगे। इससे उनको काफी मदद मिलेगी। मुझे खुशी है कि आज सरकार प्रदेश के कई माता-बहनों को 500 रुपए में सिलेंडर उनके घर तक पहुंचा रही है। पंजाब से लाडवा पहुंचे थे सीएम उन्होंने कहा कि मुझे आज पंजाब की भूमि माछीवाड़ा साहिब में नमन करने का अवसर मिला। यह गुरु गोबिंद सिंह जी की ऐतिहासिक भूमि है। मैं वहां गुरुओं को नमन करने के बाद सीधा लोहड़ी और मकर संक्रांति के पर्व में आया हूं। सीएम ने प्रदेश के लोगों को लोहड़ी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी दीं। लिंगानुपात की दर सुधरी सीएम सैनी ने कहा कि आज बेटियों को बचाने के लिए कन्या भ्रूण हत्या को रोकना पहली जरूरत है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया था। इसी का परिणाम है कि अब हरियाणा में लिंगानुपात की दर उस समय के 871 से सुधरकर 923 हो गई है।