उन्नाव में जय श्रीराम का नारा लगाने वाले भाकियू नेता की हत्या में 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा हुई है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा- इस तरह के अपराध समाज में भय और अराजकता फैलाते हैं, इसलिए ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा दिया जाना जरूरी है। विनोद कश्यप की 14 जनवरी, 2024 को हत्या कर दी गई थी। उनका भाई शिव मंदिर में होने वाले कार्यक्रम के लिए चंदा मांगने गया था। जहां जय श्रीराम नारा लगाने पर आरोपी उसे पीटने लगे थे। विनोद बचाने पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया था। अब पूरा मामला विस्तार से… उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र के चंपापुरवा मोहल्ले में अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के दिन मोहल्ले के शिवमंदिर में धार्मिक अनुष्ठान होना था। भाकियू नेता विनोद कश्यप की पत्नी प्रीति कश्यप के मुताबिक, उनके देवर बउवा कश्यप 14 जनवरी 2024 की सुबह करीब 11 बजे मंदिर में प्रतिष्ठा के लिए चंदा मांगने गए थे। तभी गोताखोर मोहल्ला निवासी काले खां, उसके बेटे जमेश, छोटे उर्फ छोटू खां और शहबाज उर्फ सोहेल ने बउवा को पकड़ लिया। जय श्रीराम के नारे लगाने पर चारों उससे रुपए मांगने लगे। जब बउवा कश्यप ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियो ने उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। भाई से मारपीट की सूचना पर विनोद कश्यप मौके पर पहुंचे। तभी आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। दोनों भाइयों के सिर में गंभीर चोटें आईं। दोनों मौके पर ही बेहोश हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां विनोद की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गंगाघाट पुलिस ने 15 जनवरी 2024 को चारों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले में 23 फरवरी 2024 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर पाया कि रुपए की मांग को लेकर मृतक और उसके भाई पर जानलेवा हमला किया गया। कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज कर दिया। न्यायाधीश कविता मिश्रा ने सभी सबूतों और तर्कों पर विचार करने के बाद चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर सजा मिलना जरूरी है। —————————— ये भी पढ़ें… दरोगा-पत्रकार ने स्कॉर्पियों में लड़की से गैंगरेप किया: बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंका, कानपुर में चौकी से पुलिस ने भगाया; DCP-इंस्पेक्टर सस्पेंड कानपुर में 14 साल की लड़की को किडनैप कर दरोगा और पत्रकार ने गैंगरेप किया। सोमवार को स्कॉर्पियों में किशोरी के साथ दरिंदगी हुई। करीब 2 घंटे बाद किशोरी की हालत बिगड़ी तो आरोपी उसको घर के बाहर फेंक कर भाग गए। परिजन किशोरी को चौकी ले गए तो वहां से उन्हें भगा दिया गया। फिर पुलिस अफसरों से शिकायत के बाद FIR तो हुई, लेकिन आरोपियों का नाम हटवाकर मुकदमा अज्ञात में पुलिस ने कर दिया। घटना सोमवार रात की है। पढ़ें पूरी खबर…
जयश्रीराम नारा लगाने वाले नेता के 4 हत्यारों को उम्रकैद:कोर्ट बोला- कड़ी सजा जरूरी है, उन्नाव में छोटे भाई को बचाने गए थे
