देवास के दंपती संतोष और जयश्री व्यास के आत्मदाह मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना से जुड़ा एक और वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, जयश्री व्यास की हालत गंभीर बनी हुई है और इंदौर में उनका इलाज चल रहा है। दरअसल, सतवास के पहले सामने आए वीडियो में एक महिला दंपती पर बोतल में भरा पदार्थ फेंकती नजर आ रही थी, जिसके बाद आग भड़क उठी। अब उसी घटना का दूसरा एंगल सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि यह महिला कोई और नहीं, बल्कि जयश्री की जेठानी सरस्वती व्यास हैं। वीडियो सामने आने के बाद सरस्वती व्यास ने पूरे मामले पर खुलकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि जयश्री मेरी बच्ची जैसी है। मैं तो दोनों को बचाने गई थी। गुरुवार को सरस्वती व्यास पति धर्मेंद्र व्यास सहित अन्य रिश्तेदारों के साथ इंदौर में एडमिट देवर-देवरानी की हालत जाननी पहुंची। उन्होंने खुद से जुड़े पूरे घटनाक्रम को बताया। कहा कि मेरे कुछ पल को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। पहले जानिए क्या दिखा पहले वाले VIDEO में
पहले वीडियो में संतोष और जयश्री व्यास तहसीलदार अरविंद दिवाकर से बहस करते हुए माचिस की तीली जलाने की कोशिश कर रहे हैं, तभी एक महिला (जेठानी सरस्वती) जमीन पर पड़ी बोतल में रखा पदार्थ फेंकती है और अचानक आग लग जाती है। अब जानिए दूसरे VIDEO में क्या है
दूसरा वीडियो 51 सेकंड का है। इसमें जेसीबी मशीन, तहसीलदार, प्रशासनिक टीम और बड़ी संख्या में मौजूद भीड़ दिखाई दे रही है। टीम कार्रवाई कर रही है। आगे के हिस्से में व्यास दंपती और तहसीलदार अरविंद दिवाकर में बहस हो रही है। इस दौरान भीड़ में एक पुलिसकर्मी भी दिखाई देता है। फिर दंपती हताश होकर जेसीबी के दूसरे हिस्से के पास पहुंच जाते हैं। अगले ही पल दोनों के हाथों में पेट्रोल से भरी बोतल दिखाई देती है। जयश्री कहती है कि ये देखो। फिर खुद पर काफी पेट्रोल छिड़कती है। इस दौरान कुछ पेट्रोल पति संतोष के स्वेटर के अगले हिस्से में गिरता है, तभी संतोष माचिस से तीली जलाने की कोशिश करते हैं और जयश्री जलने के लिए आगे बढ़ती है। लोग उनकी ओर चिल्लाते हुए आगे बढ़ते हैं कि ऐसा नहीं करें। इसी VIDEO का अब दूसरा एंगल देखिए
इस दौरान दंपती के सामने अन्य लोगों के साथ एक महिला (जेठानी सरस्वती) आगे बढ़ती है। उसे ठीक दंपती के सामने जमीन पर पड़ी बोतल दिखाई देती है (वही बोतल जो पेट्रोल छिड़कने के बाद जयश्री ने फेंकी थी। सरस्वती यह बोतल उठाकर सबसे आगे आती दिखाई रही है और तुरंत उनकी ओर उठाकर फेंक देती है। एक-दो सेकंड का बड़ा संयोग
खास बात यह कि एक-दो सेकंड के इस पल में संतोष और जयश्री दोनों ही तीली जलाते दिख रहे हैं और उधर सरस्वती का बोतल फेंकना होता है। इसके साथ ही तुरंत आग का भभका उठता है और दंपती उसकी चपेट में आ जाते हैं। वे जलते हुए पीछे होते हैं और गिर जाते हैं। लोग उन्हें बचाने की कोशिश करते हैं। इन्हें में से जेठानी सरस्वती भी उन्हें बचाने के लिए दौड़ती है। वह लोगों को पीछे कर आगे बढ़ती है, तब तक दंपती काफी झुलस जाते हैं। कुछ लोग हमें विवादों के घेरे में लेना चाहते हैं मामले में जब सरस्वती से बात की तो उन्होंने कहा कि मैंने जो बोतल फेंकी, वह जमीन पर खाली बोतल थी। उसे गलत दर्शाया जा रहा है। कुछ लोग हमें विवादों के घेरे में लेना चाहते हैं। ऐसी कोई बात नहीं है। मैं अपने बच्चों (देवर-देवरानी) को बचा रही थी। मैं उनकी बड़ी मां हूं। हम एक ही परिवार में रहते हैं। मैं वही खाली बोतल फेंक रही थी। मेरी कोई और मंशा नहीं थी। खुद का झुलसा चेहरा, बाल और उंगलियां दिखाईं
सरस्वती ने खुद का हलका झुलसा चेहरा, बाल और हाथ की उंगलियां दिखाईं। कहा कि मैं खुद भी झुलस गई थी। मैं तो बच्ची (देवरानी जयश्री) को बचा रही थी और मेरी साड़ी में आग लग गई, तभी किसी ने साड़ी खिसकाई तो मैंने कंधे से पिन खोली और फेंक दी। विरोधियों की एक ही मंशा है कि हम सभी को कैसे फंसाया जाए। मुझे विरोधियों ने गलत तरीके से दर्शाया है। तहसीलदार की आवाज सुनाई दी…
सरस्वती ने कहा कि माचिस देवर-देवरानी किसके पास थी, नहीं मालूम। हम तो उनके मकान के पास खड़े थे, तभी तहसीलदार की आवाज सुनाई दी कि लगा लो आग, यह सुन मैं दोनों को बचाने के उद्देश्य से आगे बढ़ी तो एक सेकंड में तो दोनों ने आग लगा ली। मेरी देवरानी जयश्री बेटी जैसी है। मैं तो बचाने ही गई थी। मेरी भी तीन बार ड्रेसिंग हुई और दवाएं चल रही हैं। घटना को लेकर उठे सवाल महीम ने कहा कि वह हमारी बड़ी मां है, माता-पिता ने मंगवाया था पेट्रोल
उधर, घटना के प्रत्यक्षदर्शी दंपती के बेटे महीम व्यास ने बताया कि हम लोग छह माह से तहसीलदार अरविंद दिवाकर और सीएमओ से प्रताड़ित हो चुके थे। 24 दिसंबर को जब टीम आई तो बिना आदेश के मकान पर जेसीबी चलाना शुरू कर दिया। घटना के दौरान पिताजी और मां ने दोनों ने ही पेट्रोल छिड़का था। महीम ने कहा कि बड़ी मां (सरस्वती) ने बचाने के दौरान खाली बोतल उठाई थी, जिसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। मां और पिता ने किसी से तुरंत पेट्रोल मंगवाया था। ….और आते ही बिना आदेश के शुरू कर दी तोड़ने की कार्रवाई
दंपती का भतीजे शोभित व्यास ने बताया कि एसडीएम ने सिर्फ नाली पर रोक लगाई है कि वहां निर्माण न करें। मकान की जो अनुमति है उसका निर्माण किया जा सकता है। इस पर मकान का निर्माण शुरू कराया गया। फिर जिस दिन छत डल रही तो तहसीलदार आए और छत नहीं डलनी चाहिए। उनके पास कोई पॉवर या आदेश नहीं था इसलिए चले गए। फिर अगले दिन बिना नोटिस दिए दो जेसीबी के साथ टीम के साथ पहुंचे और तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। 40 लाख रु. का लोन लिया, स्टे होने के बाद भी नहीं सुनी
शोभित ने बताया कि हम एसडीएम के पास पहुंचे और निवेदन किया कि हमें समय दीजिए, आज की कार्रवाई रोक दीजिए तो उन्होंने इनकार कर दिया। स्टे तो सिर्फ नाली के मामले में 18 अक्टूबर तक था। फिर एक आदेश 23 अक्टूबर को जारी किया तो हमने तुरंत ही हाई कोर्ट में रिट पिटिशन लगाई, जिस पर कोर्ट 24 अक्टूबर को स्टे दिया। क्षितिज का आरोप है कि यह विरोधियों और इन सभी की मिली-जुली साजिश है। चाचा संतोष ने मकान बनाने के लिए मकान बनाने के लिए चाचा संतोष व्यास ने 40 लाख रुपए का लोन लिया है और इस बीच यह बड़ी घटना हो गई। ……………………………….. ये खबर भी पढ़ें… नया VIDEO…दूसरी महिला के हाथ में पेट्रोल, जिंदा जले पति-पत्नी देवास जिले के सतवास कस्बे में एक दंपती के कथित तौर पर आग लगाने के मामले में एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दंपती तहसीलदार से बहस करने के साथ माचिस जलाने की कोशिश कर रहे हैं। तभी एक महिला उन पर बोतल में रखा पदार्थ फेंकती है और अचानक आग लग जाती है। पूरी खबर पढ़ें
पेट्रोल की बोतल फेंकने वाली महिला जयश्री की जेठानी:देवास में दंपती के आत्मदाह में नया मोड़, सरस्वती बोली- मैं तो बचाने गई थी, वह मेरी बच्ची जैसी
