हिसार पुलिस चौकी में हुई मौत का मामला मर्डर निकला:संजय के शरीर पर चोट के 23 निशान; फोरेंसिक को घर-शर्ट पर मिले खून के धब्बे

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हरियाणा में हिसार के मंगाली पुलिस चौकी में हुई व्यक्ति की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है। संजय की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच में खुलासा हुआ है कि उसको बुरी तरह से पीटा गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर चोट के 23 निशान मिले थे। जांच में चोट मारने के सबूत फोरेंसिक टीम को उसके घर पर मिले हैं। फिलहाल न्यायिक जांच रिपोर्ट में पुलिस को क्लीन चिट दी गई है। पुलिस ने थाना आजाद नगर में धारा 103 (1) में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में संजय के परिजन चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने न तो बयान दर्ज कराए और न ही हत्या को लेकर किसी का नाम लिया है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आगे की छानबीन शुरू कर दी है। जाने क्या था पूरा मामला हिसार के गांव मंगाली झारा के रहने वाला संजय की 23 जुलाई 2025 को मंगाली पुलिस चौकी की हवालात में मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने थाने में जमकर बवाल किया था और चौकी को ताला भी लगा दिया था। इसके बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में 5 डॉक्टरों के बोर्ड ने संजय के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई गई थी। इसके बाद पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) हिसार द्वारा जांच शुरू की गई थी। रात को चौकी लाए, सुबह मृत मिला था संजय
घटना 23 जुलाई 2025 की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गांव मंगली झारा निवासी संजय पुत्र फकीर चंद को 22 जुलाई की रात मंगली पुलिस चौकी लाया गया था। बताया गया कि संजय की पत्नी ने उसके खिलाफ घरेलू झगड़े की शिकायत दी थी। पुलिस का तर्क था कि रात में संजय और उसके परिवार के बीच फिर से झगड़ा न हो, इसलिए उसे एहतियातन चौकी में रखा गया था। अगले दिन यानी 23 जुलाई को उसकी मौत हो गई थी। जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) हिसार द्वारा न्यायिक जांच की गई। जांच रिपोर्ट में कई मुख्य बातें सामने आई हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक संजय के शरीर पर 23 अलग-अलग चोटों के निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, संजय की मौत इन्हीं चोटों के कारण हुई है। फोरेंसिक टीम (FSL) ने जब जांच की, तो पुलिस चौकी में खून का कोई निशान नहीं मिला। हालांकि, संजय के घर पर बेड (पलंग) और उसकी कमीज पर ‘B’ ग्रुप के खून के धब्बे मिले, जो संजय के ब्लड ग्रुप से मेल खाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये चोटें मौत से करीब 12 से 18 घंटे पहले हो गई थी। जांच में पुलिस को क्लीन चिट
न्यायिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि संजय के शरीर पर मिली चोटें किसी पुलिस कर्मचारी द्वारा नहीं पहुंचाई गई हैं। मृतक के परिजनों को इस संबंध में बयान देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने बयान देने से मना कर दिया। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर (DC) हिसार के कार्यालय से प्राप्त निर्देशों और न्यायिक जांच की रिपोर्ट के आधार पर आजाद नगर थाना पुलिस ने धारा 103(1) BNS (हत्या) के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर संख्या 915 के तहत दर्ज इस मामले की आगामी जांच अब इंस्पेक्टर दलबीर सिंह (SHO, आजाद नगर) द्वारा अमल में लाई जाएगी। परिजनों का कहना था -दम घुटने और गर्मी से हुई है मौत वहीं जब कस्टडी में मौत की खबर सुनकर परिजनों ने सुनी तो वह मंगाली चौकी में पहुंच गए थे। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। मामला इतना बढ़ा गया था कि गुस्साए परिजनों ने चौकी पर ताला जड़ दिया था। परिजनों का कहना है कि पुलिस कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उनकी मौत हुई है। जहां पर संजय को रखा था, उस कमरे में न तो पंखा था और न ही कोई रोशनदान। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। जिस कारण उसकी दम घुटने से मौत हो गई।