सतना-मैहर जिले के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय जिला अस्पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में चूहों की भागमभाग का वीडियो सामने आया है। वीडियो दो दिन पुराना है। वीडियो में एक चूहा मुंह में मंगोड़ी दबाए कम्प्यूटर मॉनिटर के नीचे से निकलकर वाई-फाई राउटर के ऊपर से भागता साफ नजर आ रहा है। चूहा भांप जाता है कि कोई मोबाइल पर वीडियो बना रहा है और वह मंगोड़ी छोड़कर नौ…दो… ग्यारह हो जाता है, जबकि दो चूहे एक के पीछे एक इन बॉर्न यूनिट से निकलकर धमाचौकड़ी मचाते हुए नजर आते हैं। एसएनसीयू में उन नवजातों को भर्ती किया जाता है जो पैदा होने के तत्काल बाद बीमार हो जाते हैं। इसी साल के अगस्त-सितंबर महीने में इंदौर के एमवायएच हॉस्पिटल में चूहों के कुतरने से दो नवजातों की मौत हो गई थी। 3 दिन पहले ही जबलपुर के विक्टोरिया हॉस्पिटल के आईसीयू और ऑर्थो वॉर्ड में चूहों की धमाचौकड़ी का वीडियो सामने आ चुका है। दैनिक भास्कर को मिले इस मामले के 4 वीडियो को आइए समझते है सिलसिलेवार तरीके से… वीडियो नंबर 1
टाइम: 6 सेकेंड जिला अस्पताल के एसएनसीयू (सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का बुधवार को पहला वीडियो दैनिक भास्कर को मिला। जिसमें 2 चूहे वार्ड में जहां ड्यूटी स्टाफ बैठता है, उसी के पास आपस में अठखेलियां करते नजर आए। वीडियो नंबर 2
टाइम: 17 सेकेंड
एसएनसीयू वार्ड में चूहों की मौजूदगी का दूसरा वीडियो 17 सेकेंड का है। इसमें दो चूहे आपसे में एक साथ दौड़ते नजर आते हैं। यह उस केबिन में घुसते दिखते हैं जहां नवजात क्रिटिकल पोजिशन में भर्ती है। वीडियो नंबर 3
टाइम: 39 सेकेंड
इस वीडियो में एक चूहा मुंह में मंगोड़ी दबाए कंप्यूटर मॉनिटर के पास आया और उसके मुंह से मंगोड़ी गिर गई। फिर चूहा कंप्यूटर सिस्टम से जुड़े प्रिंटर के नीचे से निकल कर उसी मंगोड़ी को मुंह में दबा कर प्रिंटर के अंदर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन वह असफल हुआ। इसके बाद वह प्रिंटर से बाहर आया और उसी मंगोड़ी के टुकड़े को प्रिंटर के बगल के रास्ते से ले जाने का प्रयास करने लगा। लेकिन मंगोड़ी का टुकड़ा उस संध में नहीं जा सकता था लिहाजा 2 बार चूहे ने प्रयास किया और दोनों ही बार असफल हो गया। वीडियो नंबर 4
टाइम: 59 सेकेंड इस 59 सेकेंड के वीडियो में। एक बार फिर चूहा मंगोड़ी लेकर प्रिंटर के रास्ते अंदर जाने का कई बार प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाया। पेस्ट कंट्रोल सिर्फ नाम का
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि चूहों को पकड़ने एसएनसीयू समेत जिला अस्पताल के प्रत्येक वॉर्ड में माउस ट्रैप या फिर रैट ट्रैप केज रखे जाते हैं और समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल किया जाता है ताकि कीड़े-मकौड़ों का खतरा न रहे। मगर चूहों की धमाचौकड़ी का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन के दावे बेमानी साबित होते हैं। एसएनसीयू के ऑफिस में मंगोड़ी का मिलने से साफ जाहिर होता है कि स्टाफ खाद्य सामग्री मंगाकर यहीं खाता-पीता है और उसी के अंश यहां-वहां गिरते हैं जिसकी तलाश में चूहे आते हैं। साल 2009 में बना था स्पेशल वॉर्ड
साल 2009 में जिला अस्पताल के अंदर स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट का निर्माण किया गया था। शुरुआत में इसमें 10-10 बेड के इन बॉर्न और आउट बॉर्न यूनिट बनाए गए थे। बाद में यहां नवजातों के लिए हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) का निर्माण कराया गया। वॉर्ड में प्री टर्म डिलीवरी, पैदा होने के बाद सांस लेने में दिक्कत और गंभीर संक्रमण होने वाले नवजातों को एडमिट कराया जाता है।जिला अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेंद्र वर्मा ने कहा कि चूहों को पकड़ने वार्डों में रैट ट्रैप केज रखे गए हैं। एसएनसीयू में भी इनको रखा गया है। अभी ग्लू वाले माउस ट्रैप मंगाए जाने हैं। समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल भी किया जाता है ताकि कीड़े-मकौड़े न आएं। यह खबर भी पढ़ें सितंबर 2025 में एमवाय अस्पताल इंदौर में चूहों के कुतरने से दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। इसके कुछ दिनों बाद ही जबलपुर नेताजी सुभाषचंद्र बोल मेडिकल कॉलेज में भी मानसिक रोग विभाग में चूहे निकल आए। इन चूहों ने मरीज के पैर कुतर दिए। आनन-फानन में स्वस्थ्य विभाग ने पेस्ट कंट्रोल किया। पूरी खबर पढ़ें
सतना जिला अस्पताल के मरीज वार्ड में चूहे;VIDEO:एडमिट नवजात बच्चों के केबिन में जाते दिखे; मुंह में मंगोड़ी दबाए डेस्क पर घूमे
