हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के खुशी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कागसर में कथित अनियमितताओं और छात्राओं के उत्पीड़न का मामला अब प्रदेश के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। पीड़ित छात्राओं ने पहले शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। छात्राओं ने मांग की है कि पीजीआईएमएस रोहतक में उनका माइग्रेशन किया जाए। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में पढ़ाई, नर्सिंग ड्यूटी, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर खामियां हैं। उनके अनुसार, नर्सिंग कोर्स के लिए अस्पताल में नर्सिंग ड्यूटी अनिवार्य होने के बावजूद उन्हें आज तक यह सुविधा नहीं मिली। जब इस बारे में सवाल उठाया गया तो कॉलेज प्रबंधन ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। छात्राओं ने अपनी शिकायत में ये आरोप लगाए… मुख्यमंत्री ने दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दो दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और छात्राओं को परिणाम से अवगत करवाया जाए। छात्राओं ने उम्मीद जताई है कि सरकार की कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलेगा और भविष्य में किसी अन्य छात्रा के साथ ऐसा अन्याय नहीं होगा। बता दें कि इस मामले में छात्राओं द्वारा अपनी मांगों को लेकर हांसी चंडीगढ़ रोड को जाम किया था। उसके बाद महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने भी कॉलेज में पहुंचकर जांच की थी और जांच में कॉलेज में काफी अनियमितताएं पाई गई थी। इसके बाद उन्होंने कॉलेज मैनेजमेंट को फटकार लगाते हुए हिसार तलब किया था। रेणु भाटिया ने कहा था- बाथरूम में नल नहीं, दरवाजों पर कुंडी तक नहीं छात्राओं ने चेयरपर्सन रेनू भाटिया से कहा कि नर्सिंग कॉलेज का हॉस्टल में बुनियादी सुविधा तक नहीं है। यहां बाथरूम में न नल हैं, न दरवाजे पर कुंडी। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की दीवारों पर रंग-रोगन का काम चल रहा है और वहीं से काम कर रहे लोगों को सीधे बाथरूम अंदर तक दिखाई दे रहा है। यह छात्राओं की गोपनीयता और सुरक्षा दोनों के साथ खिलवाड़ है।
हिसार में नर्सिंग छात्राओं का मामला CM तक पहुंचा:दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी; चेयरमैन पर लगाया था बाथरूम में घुसने का आरोप
