एमपी विधानसभा की स्थापना के 69 साल पूरे:आज विशेष सत्र, आत्मनिर्भर और विकसित भारत पर होगी चर्चा, आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

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मध्यप्रदेश विधानसभा ने अपने स्थापना के 69 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। सत्र में प्रदेश के विकास, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से चर्चा होगी। यह वही ऐतिहासिक तिथि है जब 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। विधानसभा सत्र के लिए आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आत्मनिर्भर और विकसित भारत पर मंथन
विशेष सत्र में सरकार द्वारा अपने रोडमैप को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य में मध्यप्रदेश की भूमिका पर चर्चा होगी। पक्ष और विपक्ष के सदस्य बिना प्रश्नकाल के इस विषय पर विचार रखेंगे। ‘विधानसभा की सात दशक की यात्रा’ प्रदर्शनी
विधानसभा परिसर में ‘विधानसभा की सात दशक की यात्रा’ विषय पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल मंगू भाई पटेल करेंगे। यह प्रदर्शनी विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा, महत्वपूर्ण उपलब्धियों और विभिन्न कालखंडों के संसदीय कार्यों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करती है। प्रदर्शनी में प्रथम विधानसभा से लेकर वर्तमान 16वीं विधानसभा तक के अहम क्षणों को दर्शाया गया है। आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रदर्शनी में कुल 136 चित्र लगाए गए हैं, जो विधानसभा के विकासक्रम को रेखांकित करते हैं। यह प्रदर्शनी 18 दिसंबर से 25 दिसंबर तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। कोई भी नागरिक विधानसभा परिसर में प्रवेश पत्र बनवाकर इस प्रदर्शनी को देख सकेगा। एंट्री का पास बनवाने के लिए आधार कार्ड, स्कूल या कॉलेज का परिचय पत्र लाना जरूरी होगा। लोकतांत्रिक यात्रा का स्मरण
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा ने बीते सात दशकों में प्रदेश के विकास, जनकल्याण और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि जनता की आवाज को शासन तक पहुंचाने की सशक्त संस्था रही है। इन हस्तियों को दी जाएगी श्रद्धांजलि
विशेष सत्र की शुरुआत में निधन संबंधी उल्लेख के तहत सदन में शोक प्रस्ताव रखे जाएंगे। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज वी. पाटिल, मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल, पूर्व लोकसभा सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती तथा 10 दिसंबर 2025 को नेशनल हाईवे-44 पर बम डिस्पोजल स्क्वॉड के वाहन की कंटेनर से भिड़ंत में शहीद हुए जवान को श्रद्धांजलि दी जाएगी। धारा 163 लागू, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी विधानसभा सत्र को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लोकशांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त भोपाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 17 दिसंबर को सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक अथवा सत्रावसान तक (जो पहले हो) प्रभावी रहेगा। हथियार और भारी वाहनों पर सख्ती
आदेश में सार्वजनिक स्थानों पर शस्त्र, लाठी, डंडा, भाला, पत्थर, चाकू, धारदार हथियार या आग्नेय शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। विधानसभा परिसर के 5 किलोमीटर के दायरे में ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर जैसे भारी वाहनों तथा यातायात बाधित करने वाले तांगा, बैलगाड़ी आदि के आवागमन पर भी रोक रहेगी।