कार्यक्रम में अतिथियों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 1981 में विकलांगजनों के लिए अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 47/3 के तहत वर्ष 1992 में प्रत्येक वर्ष तीन दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय विकलांगता दिवस मनाने की घोषणा की गई।
अतिथियों ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य विकलांगता से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना, विकलांग व्यक्तियों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण के प्रति समर्थन जुटाना और उन्हें सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुख्यधारा में शामिल करने के लाभों को रेखांकित करना है।
शिविर के दौरान डालसा के पीएलवी ने अपने-अपने क्षेत्रों पंचायतों और विधि सहायता केंद्रों के माध्यम से दिव्यांगजनों की पहचान, सहायता एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की पहल पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में बिरसा कॉलेज के प्राचार्य डॉ सीके भगत, राजकुमार गुप्ता, डालसा के पैनल अधिवक्ता मदन मोहन राम, सदर अस्पताल के डॉ आरके सिंह, डालसा पीएलवी चंदन कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
