संगठन ने इस वक्तव्य को ब्राम्हण समाज की बेटियों का अपमान, सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाला तथा पद की मर्यादा का गंभीर उल्लंघन बताया है। संगठन ने यह भी कहा कि इस प्रकार का बयान एक जिम्मेदार आईएएस अधिकारी के कर्तव्य, सिविल सेवा आचरण संहिता और सामाजिक गरिमा का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे पूरे देश में रोष फैल गया है और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सामाजिक सौहार्द्र भंग करने,जातिगत टिप्पणी करने तथा एक समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने जैसे गंभीर आरोपों पर संतोष वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की उपयुक्त धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए।
इस दौरान अध्यक्ष अरुण पंडा, सचिव अशोक पंडा, तथा रायगढ़ तहसील अध्यक्ष चित्रसेन शर्मा,पुसौर तहसील अध्यक्ष अक्षय सतपथी, कीर्तिचंद्र आचार्य, संतोष होता, दिनेश शर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी, ब्रजकिशोर शर्मा, गौतम आचार्य, दीपक आचार्य, अजय मिश्रा, प्रशांत शर्मा, दुर्गेश शर्मा, सत्यम पंडा समेत समाज के दर्जनों सदस्य उपस्थित रहे।
