गजेंद्र फोगाट ने युवाओं से सीधा संवाद कायम किया और कहा कि एक विश्वविद्यालय ने आतंकी पैदा किए, लेकिन श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के युवाओं में देशभक्ति की भावना हिलोरें ले रही है। देश प्रेम का यह ज्वार अपने आप में अभूतपूर्व है। उन्होंने वन्देमातरम गा कर सबको राष्ट्र प्रेम से सराबोर कर दिया। हजारों दर्शकों ने फ़िजा को वन्देमातरम से गुंजायमान कर दिया। शहीद-ए आज़म भगत सिंह पर उनकी प्रस्तुति ने रोंगटे खड़े कर दिए और जोश में युवाओं ने उनके साथ खूब ताल में ताल मिलाई।
गजेंद्र फोगाट ने देर शाम तक युवाओं को अपनी गायकी से बांधे रखा। उनके मशहूर हरियाणवी गाने ‘कौन कवै सै बहू काले की’ और ‘मेरा जी लागग्या सै बाब्यां मैं’ ने खूब धूम मचाई। पलवल के गायक एचआर कलाकर ने भी अपनी गायकी से खूब वाहवाही बटोरी। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर कुलवंत सिंह और डायरेक्टर यूथ वेलफेयर अनिल कौशिक ने गजेंद्र फोगाट और उनकी टीम को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
