चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी (उन्नाव) के एम्फीथिएटर में तीन दिवसीय दर्पण थिएटर फेस्टिवल का सफल आयोजन हुआ। इस फेस्टिवल में देशभर के प्रसिद्ध थिएटर ग्रुप्स और कलाकारों ने दस शानदार नाटकों की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही बॉलीवुड थिएटर के जाने-माने निर्देशकों की तीन विशेष प्रस्तुतियां भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं।
यह तीन दिवसीय थिएटर उत्सव थिएटर की विविधता और सामाजिक मुद्दों को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। पहले दिन प्रयास नाट्य रंगमंच, कैथल ने रब राखा नाटक प्रस्तुत किया। जिसे रितिका भारद्वाज ने लिखा और डॉ. महिपाल पाठानिया ने निर्देशित किया। यह नाटक देश के बंटवारे के वक्त फंसे एक परिवार की दर्दभरी दास्तान और मानवीय रिश्तों और कर्म के प्रश्नों पर गहराई से विचार करता है।
मसखरे रंगमंच, अंबाला ने नपुंसक नाटक मंचित किया, जिसके लेखक मञ्जुल भंडार्वाज और निर्देशक नागेन्द्र शर्मा हैं। इस नाटक ने सामाजिक धारणाओं और जीवन के संवेदनशील पहलुओं पर तीखी टिप्पणी पेश की। फेस्टिवल के अंतिम दिन मीरा कल्चरल सोसाइटी, भिवानी की प्रस्तुति राम सजीवन की प्रेम कथा ने दर्शकों का मन मोह लिया। उदय प्रकाश द्वारा लिखित और सोनू रौंजिया द्वारा निर्देशित यह नाटक सामाजिक भेद की जटिलताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।
इस विशेष आयोजन में समकालीन और पारंपरिक अभिनय शैलियों का सुंदर संगम देखने को मिला। फेस्टिवल में हर उम्र और रुचि के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास पेश किया गया। इस अवसर पर सीयू यूपी के प्रो वाइस चांसलर ने कहा कि दर्पण फेस्टिवल का उद्देश्य देशभर की थिएटर परंपराओं को एक मंच पर लाना और ऐसी प्रस्तुतियाँ देना है जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करें।
