याचिका में अधिवक्ता टीसी व्यास ने अदालत को बताया कि साल 2021 में शहर के आमेर थाना में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। इस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं गत पांच मई को आरोपी ने अंतरिम जमानत लेकर 14 मई को मुस्लिम रीति-रिवाज से पीडिता से विवाह कर लिया और उसके अगले दिन उसका पंजीकरण भी करा लिया। सुनवाई के दौरान पीडिता ने आकर कोर्ट को कहा कि वह आरोपी के साथ शांतिपूर्वक और खुशहाल वैवाहिक जीवन बिता रही है और उसे किसी तरह की परेशानी नहीं है। इसलिए प्रकरण में लंबित कार्रवाई को समाप्त किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है।
कानून निश्चित नहीं, समाज की जरूरत और परिस्थिति के अनुसार बदलता है-हाईकोर्ट
