प्रदर्शन के दौरान संयुक्त यूनियनों के नेताओं ने कहा कि गुवा सेल प्रबंधन लगातार मजदूरों और यूनियनों को झूठे आश्वासन देकर भ्रमित कर रही है। इस बार की लड़ाई आर या पार की होगी, जिसमें मजदूरों के साथ सारंडा क्षेत्र के ग्रामीण भी शामिल होंगे। यूनियन ने कहा कि वे व्यापक जन आंदोलन कर सेल प्रबंधन को गुवा से उखाड़ फेंकेंगे।
यूनियनों की प्रमुख मांगों में गुवा सेल में 19 बाहरी लोगों की प्रस्तावित बहाली रद्द करने और स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर देनेे, सफाई कर्मियों का विस्तारीकरण करने और जिन विभागों में रविवारी कार्य बंद है, उन्हें पुनः शुरू करने सहित अन्य शामिल है।
सेल प्रबंधन को सुपुर्द पत्र में यह भी कहा गया है कि 11 जुलाई 2024 को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा और यूनियन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई बैठक में प्रबंधन ने भरोसा दिलाया गया कि बाहरी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से बंद होगी। लेकिन प्रबंधन ने इसे दोहराने की कोशिश की, जिसका संघ ने कड़ा विरोध किया है।
प्रदर्शन में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक), सीटू, झारखंड मजदूर मोर्चा यूनियन सहित कई जनप्रतिनिधि, पांच गांवों के मुंडा-मानकी, ग्रामीण और सैकडों मजदूर शामिल थे।
