दर्जनों माइंस में जारी है अवैध ब्लास्टिंग और खनन:-
सवैयाटांड़ पंचायत में शारदा अभ्रक माइंस के अतिरिक्त दर्जनों अन्य अभ्रक माइंस भी हैं, जहां दिन के उजाले से लेकर रात में भी जिलेटिन व डेटोनेटर से ब्लास्टिंग कर अभ्रक का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। ठेकेदार ब्लास्टिंग के बाद मजदूरों से अभ्रक चुनवाते हैं और उन्हें बहुत कम राशि देते हैं, जबकि ठेकेदार इसी अभ्रक को बाजार में बेचकर मोटी रकम अर्जित करते हैं। इस दौरान अभ्रक चुनने के बाद बचे शेष पत्थरों को भी बेच दिया जाता है।
छापेमारी के दौरान जब्त ट्रैक्टर पर उजले पत्थर लदे हुए थे। गिरफ्तार युवक की पहचान झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के जोरा सिमर गांव निवासी चतलाल सिंह के पुत्र आशीष सिंह के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आशीष सिंह ही जब्त ट्रैक्टर का चालक सह मालिक है।
गिरफ्तार युवक ने पूछताछ में बताया कि वह बीते कुछ दिनों से शारदा माइंस से पत्थर लेकर अपने घर के पास एकत्रित कर रहा था। वह अब तक 12 बार ढुलाई कर चुका था और यह 13वीं बार था जब वह पत्थर लेकर जा रहा था और इसी दौरान वन विभाग के हत्थे चढ़ गया। उसने यह भी बताया कि उसने जब्त ट्रैक्टर को वास्तविक मालिक से ढाई लाख रुपये में एग्रीमेंट करके खरीदा था।
रेंजर नारायण लाल सेवक ने बताया कि शारदा माइंस में अवैध खनन की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए फॉरेस्टर आदेश कुमार और पीयूष कुमार के अलावा वनरक्षी रंजन कुमार, मनोज साव, नीतीश कुमार और रवि कुमार के साथ मिलकर यह छापेमारी की गई।रेंजर ने बताया कि अवैध खनन में सलिप्त ट्रैक्टर चालक के विरुद्ध वन विभाग के सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जरूरी पूछताछ के बाद गिरफ्तार युवक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा।
वन विभाग ने साफ किया है कि अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं में सन्नाटा पसर गया है।
