समिति के प्रधान जगजीत सिंह ने बताया कि हैफेड के अंतर्गत प्रदेश में मंडी स्तर पर 69 सहकारी विपणन समितियां कार्यरत हैं, जो मंडियो में किसानों की फसल खरीदने व किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराने का कार्य करती है। इसके लिए इन समितियों को हैफेड द्वारा गेहूं फसल खरीद पर 1.33 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन मिलता है तथा धान फसल की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का 0.25 प्रतिशत की दर से कमीशन मिलता है, जो 5.80 रुपए प्रति क्विंटल बनता है।
उन्होंने बताया कि समितियां पिछले कई वर्षों से गेहूं की फसल पर मिलने वाले कमीशन 1.33 रुपए में बढ़ोतरी की मांग कर रही थी, किंतु हैफेड के प्रबंध निदेशक ने गेहूं पर कमीशन बढ़ाने की बजाय 29 सितंबर 2025 को एक आदेश जारी करके धान की खरीद पर मिलने वाले कमीशन 5.80 रुपए प्रति क्विंटल को घटाकर 1.33 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया हैं। इसे लेकर प्रदेश भर की सहकारी विपणन समितियों में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि हैफेड के प्रबंध निदेशक के नाम से एक ज्ञापन समिति में सौंपा, जिसमें धान का कमीशन पहले जितना करने, गेहूं खरीद पर कमीशन 0.25 प्रतिशत तक बढ़ाने, समिति को मिलने वाली खाद का कोटा 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक करने व आंगनवाड़ी सप्लाइ का चार्ज 150 रुपए प्रति क्विंटल करने सहित अन्य मांगें राखी गई हैं। इस पर पर समिति डायरेक्टर लखवीर सिंह झब्बर, जीत सिंह, रवि कुमार व प्रतिनिधि अनिल कुमार, सोसायटी मेंबर सरदार गुरनाम सिंह झब्बर, विनोद कुमार, सुशील कुमार, कुलदीप सिंह, जोरा सिंह व बलि सिंह आदि मौजूद रहे।
