कार्यक्रम में उपस्थित बुजुर्गों को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) की सचिव राजश्री अपर्णा कुजूर ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि हम जहां भी रहें, परिवार जैसी भावना बनाए रखें। खुशी किसी बड़े कारण से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातों में भी खोजी जा सकती है। आपसी प्रेम, मेलजोल और सकारात्मक सोच ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए हमें अपने आसपास के माहौल को सुखद बनाना चाहिए, ताकि जीवन में आनंद और शांति बनी रहे।
इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का विषय है – सेवाओं तक पहुंच। आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य, जो वैश्विक अस्थिरता के दौर में मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के महत्व पर प्रकाश डालता है। कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता मदन मोहन राम, सहयोग विलेज के सुपरिंटेंडेंट अश्विनी कुमार, डालसा पीएलवी नेली कोंगाड़ी, ओल्ड एज होम के सहयोगी तथा वहां के बुजुर्ग उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत वर्ष 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ की पहल पर की गई थी, जिसका उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना है।
