संघीय बजट को लेकर ट्रंप को झटका, अमेरिका में शटडाउन का संकट गहराया

Spread the love

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप की पार्टी को सीनेट में अस्थायी फंडिंग बिल पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी लेकिन सिर्फ 55 वोट ही जुट पाए। सरकारी खर्चे वाले विधेयक को पारित कराने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को कम से कम सात डेमोक्रेट सांसदों के समर्थन की जरूरत थी। ऐसे में यह प्रस्ताव गिर गया है। सौ सदस्यों वाली सीनेट में 53 रिपब्लिकन, 47 डेमोक्रेट और 2 निर्दलीय सांसद हैं। फंडिंग से जुड़े बिल को पास कराने के लिए 60 वोट जरूरी होते हैं।

1.7 लाख करोड़ डॉलर का बजट इस संकट का सबब बना है, इस बजट से संघीय एजेंसियों का संचालन होता है। यह अमेरिकी बजट का करीब एक-चौथाई हिस्सा है। इससे जुड़े प्रस्ताव के गिरने के बाद ट्रंप प्रशासन के पास जरूरी फंडिंग नहीं होगी। इस स्थिति में कई संघीय कामकाज रुक सकता है। अमेरिकी कानून के तहत जब तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं होता तब तक कई गैर-जरूरी सरकारी विभागों और सेवाओं को बंद करना पड़ता है। जिसे शटडाउन कहा जाता है।

अमेरिका में 01 अक्तूबर से नया वित्त वर्ष लागू होता है। फंडिंग बिल के पास नहीं होने की स्थिति में शटडाउन शुरू होने पर सरकारी कर्मचारियों में से 40 फीसदी यानी लगभग 8 लाख कर्मियों को बिना वेतन छुट्टियों पर भेजा जा सकता है।

सात साल बाद यह पहला मौका होगा, जब फंड की कमी की वजह से अमेरिका में कई सेवाएं प्रभावित होंगी। 2018 में ट्रंप के पिछले कार्यकाल में भी शटडाउन 34 दिनों तक चला था। पिछले 50 वर्षों में फंडिंग बिल अटकने की वजह से अमेरिका में 20 बार शटडाउन हुआ। ट्रम्प के पिछले कार्यकाल में ही 3 बार सरकार को शटडाउन का सामना करना पड़ा था।