प्रतियोगिता से पहले बच्चों को कचरा प्रबंधन की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि इससे जैविक खाद और बायोगैस जैसी उपयोगी वस्तुएं भी प्राप्त की जा सकती हैं। आयोजन में विजेता छात्रों को नगर निगम की ओर से पुरस्कृत किया गया।
निगम के अधिकारियों का कहना था कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने परिवार और समाज को भी स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में नगर निगम की टीम ने बच्चों को समझाया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के लिए जरूरी है कि लोग अपने व्यवहार में छोटे-छोटे बदलाव करें।
इस दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक चित्रकला, निबंध और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
