दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘राष्ट्रीय संगोष्ठी ऑन एल्डरली केयर’ सम्पन्न

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नई दिल्ली, 26 सितम्बर । दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग ने “विकसित भारत 2047: वृद्धजन देखभाल एवं सशक्तिकरण” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर देशभर से आए समाजशास्त्रियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, अधिकारों और उनके समग्र कल्याण पर गहन विमर्श किया।

संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्यातिथि स्वामी मिथलेशनंदिनी जी के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव समाज के निर्माण में अनमोल मार्गदर्शन प्रदान करता है और हमें उनके योगदान का सम्मान करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि श्रीश्याम जाजू (पूर्व उपाध्यक्ष, भाजपा) तथा दुष्यंत गौतम (राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा) ने भी बुजुर्गों के कल्याण के लिए नीतिगत पहलों और सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर प्रख्यात समाजशास्त्री प्रो. अरविंद जोशी, आर.एन. त्रिपाठी (बीएचयू), विंध्यवासिनी पाण्डेय, बी.के. नागला, माला शंकर दास कपूर, सनत कुमार शर्मा सहित अनेक विद्वानों ने अपने शोधपत्र और विचार प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में डॉ. सुनील मिश्रा एवं डॉ. स्वाति मिश्रा की पुस्तक “ओल्ड एज गोल्स” का लोकार्पण भी किया गया।

समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिवि वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक बीर भद्र सिंह को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा, “वरिष्ठ नागरिक हमारी संस्कृति और मूल्यों के संवाहक हैं। उनकी देखभाल केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामाजिक कर्तव्य है।”

संगोष्ठी के सफल आयोजन में डॉ. सुनील मिश्रा एवं डॉ. स्वाति मिश्रा का मार्गदर्शन उल्लेखनीय रहा। साथ ही आयोजन समिति के सदस्यों- सुमीत अंकुर सिंह, उत्तम ओझा, ऋतुराज गिरी बाबा, सचिन मिश्रा, सचिन तिवारी, सनत कुमार सिंह, विनय दास तथा दिवि वेलफेयर सोसाइटी की टीम के सहयोग को भी सराहा गया।