गुरुद्वारा साहिब में संग्रांद पर कीर्तन दरबार आयोजित

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कीर्तन दरबार में सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था एवं सिख स्त्री सत्संग सभा की बीबियों ने कीर्तन गायन किया इनके बाद भाई साहब भाई नारायण सिंह हजूरी रागी गुरुद्वारा साहिब साकची ने “अंशुन प्रेम उमाहड़ा कीउ मिलिए हर जाए” सबद पढ़ा।

साकची गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमृतपाल सिंह ने पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी के जोती जोत दिवस के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी तथा अस्सू महीने की संग्रांद पर गुरबाणी अनुसार विचार व्यक्त किए।

कीर्तन दीवान की समाप्ति के बाद ज्ञानी जरनैल सिंह की ओर से अरदास की गई। इसके बाद संगत के बीच में गुरु का लंगर बरताया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में संगत ने नतमस्तक होकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया एवं गुरु का लंगर ग्रहण किया।

इस मौके पर अध्यक्ष सरदार निशान सिंह, ट्रस्टी सरदार रविन्द्र सिंह, सतनाम सिंह सिद्धू, चेयरमैन रणधीर सिंह, वरीय सदस्य परमजीत सिंह काले, जसबीर सिंह गांधी, हरपाल सिंह सिद्धू , सतनाम सिंह घुम्मन, सुखविंदर सिंह निक्कू, बलबीर सिंह, मोनी सिंह रंधावा, रोहितदीप सिंह, नानक सिंह, बलदेव सिंह बब्बू आदि शामिल हुए।