जानकारी के लिए बता दें कि मड़ीखेड़ा डेम का निर्धारित जल स्तर 346.25 मीटर रहता है जो लगभग भरने की स्थिति में है, लेकिन बर्षा काल के मद्देनजर प्रबंधन उसे किस तरह भरना है ये तय करता है। पचावली के पुराने पुल से आठ फीट ऊपर बह रहा है, इस समय सिंध नदी पर बना पांचवली का पुराना पुल पानी में डूबा हुआ है। इधर 60 मेगावाट की मड़ीखेड़ा बिजली परियोजना की बीस बीस मेगावॉट की तीन इकाइयों से बिजली निर्माण भी लगातार जारी है। इस बार अच्छी बारिश के चलते लगातार बिजली बनाई जा रही है वहीं डेम के गेट भी बार बार खोलकर जल निकासी करनी पड़ी है। बिजली निर्माण के रस्ते से 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। अटल सागर डेम के पर पदस्थ इंजीनियर अम्बुज पारसर ने लोगों से अपील की है कि सिंध नदी के वहाब इलाके से दूरी बनाकर रखें।
शिवपुरी : सिंध नदी फिर उफान पर, अटल सागर के खुले 8 गेट
