3 लाशें, लेकिन किसी ने गोलियों की आवाज नहीं सुनी:फ्लैट में एक परिवार पर बेरहमी से गोलियां चलाईं, सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग

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मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी रतलाम के उस तिहरे हत्याकांड की जिसने साल 2020 में पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। राजीव नगर के एक फ्लैट में एक ही परिवार के तीन लोगों की लाश मिली थी। इनमें 20 साल की युवती दिव्या सोलंकी भी शामिल थी। तीनों को गोली मारी गई थी, लेकिन हैरानी की बात ये थी कि उसी मकान में रहने वाले लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला इतना सनसनीखेज था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी दखल देना पड़ा। जांच की हर कार्रवाई पर नजर रखी जाने लगी। अब कई सवाल थे- एक साधारण परिवार को इतनी बेरहमी से क्यों मारा गया? किसी को पता क्यों नहीं चला और कातिल कौन था…? 26 नवंबर 2020 के दिन सुबह के करीब 9 बजे थे। रतलाम के राजीव नगर की गलियों में दूध वालों की आवाजें थीं, मंदिरों में घंटियां बज रही थीं। इसी बीच चार मंजिला एक मकान के दूसरे फ्लोर पर मौत पसरी हुई थी। तीसरी मंजिल पर रहने वाली नर्स सौम्या ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार हुई। खुला दरवाजा… और अंदर मौत का सन्नाटा दरवाजा हल्का खुला था। सौम्या ने आवाज लगाई-’दिव्या…!’ लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जैसे ही उसने दरवाजा धक्का देकर खोला… उसके कदम वहीं ठिठक गए। फर्श पर दिव्या की लाश पड़ी थी। खून से सना कमरा, बिखरा सामान, और कुछ ही दूरी पर दिव्या की मां शारदा का शव। सौम्या अभी संभल भी नहीं पाई थी कि दूसरे कमरे में उसे तीसरी लाश दिखाई दी। ये दिव्या के पिता गोविंदराम सोलंकी की लाश थी। गोली चली, लेकिन किसी ने आवाज नहीं सुनी एक ही घर में तीन हत्याएं हो चुकी थीं। सौम्या चीखते हुए नीचे भागी। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका जमा हो गया। खबर फैल चुकी थी कि राजीव नगर में एक परिवार खत्म कर दिया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि तीनों को गोली मारी गई थी। दिव्या और उसकी मां एक कमरे में थीं, जबकि गोविंदराम का शव दूसरे कमरे में मिला। सबसे बड़ा सवाल यही था कि चार मंजिला मकान, कई किराएदार, फिर भी किसी ने गोली चलने की आवाज क्यों नहीं सुनी?

पटाखों के शोर में दब गई गोलियों की आवाज जांच में सामने आया कि हत्या 25 नवंबर की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच हुई थी। उसी रात देव दीपावली थी। पूरे इलाके में पटाखों का शोर था। लोग त्योहार मना रहे थे और उसी शोर में कातिल घर के अंदर दाखिल हुआ। एक-एक कर तीनों को गोली मारी और फरार हो गया। पटाखों की आवाज में गोलियों की गूंज दब गई। इससे ये पता चला कि मर्डर पूरी तरह प्लान करके किया गया था। परिवार पर आखिर क्यों टूटा कहर? 50 वर्षीय गोविंदराम सोलंकी सैलून चलाते थे। पत्नी शारदा और बेटी दिव्या के साथ किराए के फ्लैट में रहते थे। दिव्या नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी।
पुलिस ने जांच के तीन बड़े एंगल तय किए- पहला एंगल- प्रेम प्रसंग दिव्या पढ़ाई के साथ अपनी बड़ी बहन मोना के साथ बिजली कंपनी से जुड़े कुछ काम भी कर रही थी। पुलिस को शक था कि कोई सनकी आशिक इस वारदात के पीछे हो सकता है। किसी ने दिव्या को पाने की जिद में पूरे परिवार को खत्म कर दिया। दूसरा एंगल – जमीन और पुरानी रंजिश जांच में पता चला कि गोविंदराम ने हाल ही में करीब 20 लाख रुपए की जमीन बेची थी। पैसों के लेनदेन और दुश्मनी के पहलू भी खंगाले जाने लगे। तीसरा एंगल- लूट की नीयत घर का सामान बिखरा हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे कोई कुछ तलाश रहा हो। लेकिन सवाल ये था कि अगर मकसद सिर्फ लूट था तो पूरे परिवार की हत्या क्यों की गई?
घर से क्या लूटा गया है इसका पता भी नहीं चल रहा था। ऐसे में 24 घंटे बीत गए लेकिन पुलिस के हाथ खाली थे। 20 हजार मोबाइल नंबर… और पहला सुराग इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन शुरू की। वारदात वाली रात इलाके में एक्टिव करीब 20 हजार मोबाइल नंबरों का डेटा खंगाला गया। कॉल डिटेल, लोकेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाने लगी।…और यहीं से जांच में पहली बड़ी सफलता मिली। एक सीसीटीवी फुटेज में रात करीब 9 से 10 बजे के बीच दो युवक स्कूटी पर जाते दिखाई दिए। यह वही स्कूटी थी, जो वारदात के बाद से गायब थी। पुलिस ने कैमरों के जरिए स्कूटी का पीछा शुरू किया। फुटेज दर फुटेज ट्रैक करते हुए टीम एक मंदिर के पीछे पहुंची, जहां स्कूटी लावारिस हालत में खड़ी मिली। 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज तलाशे करीब 200 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों युवक रास्ते में कपड़े बदल चुके थे। इसके बाद वे दूसरे स्कूटर से फरार हुए। अब पुलिस ने संदिग्धों की पहचान शुरू की। और जैसे ही एक युवक का चेहरा साफ हुआ जांच टीम भी सन्न रह गई। क्योंकि कैमरे में दिख रहा शख्स कोई साधारण अपराधी नहीं था बल्कि एक साइको किलर था। एक ऐसा कातिल जो बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। लेकिन कई सबसे सवाल अब भी बाकी थे…
उसने इसी परिवार को क्यों चुना?
क्या उसका दिव्या से कोई संबंध था?
या फिर इसके पीछे कोई और खौफनाक वजह थी?
और इस तिहरे हत्याकांड में उसके साथ कौन-कौन शामिल था? इन सवालों के जवाब कल जानिए क्राइम फाइल्स पार्ट-2 में। ये भी पढ़ें… सीएम से मुलाकात, 3 दिन बाद कांग्रेसी नेता का मर्डर, पार्ट-1 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी दमोह के चर्चित देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड की, जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। मामला एक बड़े नेता की हत्या से जुड़ा था, जिसमें विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत कई प्रभावशाली नाम सामने आए। पढ़ें पूरी खबर… 2. विधायक के पति ने रची थी हत्या की साजिश, पार्ट-2 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 15 मार्च 2019 की सुबह दमोह के हटा स्थित डामर-क्रेशर प्लांट में बीएसपी नेता और ठेकेदार देवेंद्र चौरसिया पर जानलेवा हमला हुआ। देवेंद्र अपने बेटे सोमेश और परिवार के लोगों के साथ प्लांट पहुंचे ही थे कि कई गाड़ियों से आए 25 से 30 हमलावरों ने उन्हें घेरकर जानलेवा हमला किया। पढ़ें पूरी खबर…