चंडीगढ़ में फर्जी विजिलेंस शिकायत पर 20 लाख की डील:CBI को रिकॉर्ड में नहीं मिली ऐसी कंप्लेंट, बिचौलियों की सुरक्षा में तैनात गनमैन तलब

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चंडीगढ़ में 20 लाख रुपए की रिश्वत डील मामले में अब नया ट्विस्ट आ गया है। जिस विजिलेंस शिकायत के निपटारे के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है, वही शिकायत संदेह के घेरे में आ गई है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में ऐसी कोई शिकायत या जांच विजिलेंस के रिकॉर्ड में नहीं मिली है। वहीं, दूसरी तरफ CBI ने बिचौलिए बाप विकास और बेटे राघव गोयल को सुरक्षा मुहैया करवाने वाले पुलिस व होमगार्ड के जवानों को तलब कर लिया। दोनों को नोटिस जारी कर 15 मई को पेश होने के लिए कहा गया है, जबकि गिरफ्तार बाप-बेटा अभी रिमांड पर हैं। सोमवार रात को मोहाली में पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर CBI ने रेड की थी। इसके बाद 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के ठिकानों से 9 लाख रुपए कैश बरामद किया गया है। इनकी वॉट्सएप चैट भी सामने आई है, जिसमें कई बार किसी बड़े साहब का जिक्र है। यह डील बड़े साहब के नाम पर ही की जा रही थी। जिस बड़े साहब के नाम पर यह पूरी डील चल रही थी, वह आखिर कोई नेता था या कोई अफसर, यह अब भी पहेली बना हुआ है। इस केस में अब तक ये हुए खुलासे… चंडीगढ़ के अलावा पंजाब के कुछ स्थानों पर दबिश CBI की टीमें बुधवार को भी अपने ऑपरेशन में लगी रही। चंडीगढ़ के अलावा पंजाब के कुछ स्थानों पर दबिश दी गई। पूछताछ में जो सामने आ रहा है उसे जुटाया जा रहा है। सीबीआई की कोशिश है कि केस अदालत में किसी भी स्तर पर कमजोर न पड़े। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… स्टेट टैक्स अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ यह मामला सीबीआई ने पंजाब के एक स्टेट टैक्स अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया। अधिकारी का आरोप था कि आरोपी विकास उर्फ विक्की गोयल और उसके बेटे राघव गोयल ने डीजी विजिलेंस,पंजाब के कार्यालय में उसके खिलाफ लंबित शिकायत को बंद करवाने के बदले 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। अधिकारी ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपी डीजी विजिलेंस पंजाब के रीडर समेत वरिष्ठ विजिलेंस अधिकारियों के लिए बिचौलिए के तौर पर काम कर रहे थे। दोनों दावा करते थे कि उनके ऊंचे स्तर तक अच्छे संबंध हैं। डीजी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा ने कथित तौर पर रिश्वत मिलने के बाद शिकायत बंद करवाने का भरोसा दिया था। बातचीत शुरू होने पर आरोपियों ने कहा कि 20 लाख रुपए में शिकायत का निपटारा कर दिया जाएगा। बाद में यह सौदा 13 लाख रुपए में तय हुआ। इसी दौरान डीजी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा के लिए एक सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 7 मोबाइल फोन देने की बात भी तय हुई। पकड़ने गए तो रीडर ओपी राणा फरार हुआ इसके बाद 11 मई को सीबीआई ने चंडीगढ़ में जाल बिछाकर कार्रवाई की। एक होटल में कमरा बुक करवाया गया, जहां बिचौलिए और अन्य लोग मिले। इसी दौरान सीबीआई टीम ने दबिश दी और आरोपी अंकित वाधवा को शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपए नकद और मोबाइल फोन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई आरोपी राघव गोयल, विकास उर्फ विक्की गोयल और ओपी राणा को इसकी भनक लग गई। उनके साथ मौजूद गनमैनों ने उन्हें इशारा किया, जिसके बाद वे भागने लगे। हालांकि सीबीआई भी सक्रिय थी और टीम ने चंडीगढ़ से अंबाला तक करीब 35 किलोमीटर पीछा किया। इस दौरान राघव गोयल, विकास गोयल और इनके ड्राइवर को हरियाणा सीमा के पास पकड़ लिया गया, जबकि ओपी राणा फरार होने में सफल रहा। सीबीआई टीम ने दूसरे दिन भी रेड मारी इसके बाद सीबीआई ने पूरा मामला अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया और टीम मोहाली स्थित विजिलेंस मुख्यालय पहुंच गई। देर रात तक जांच चलती रही। इस दौरान कुछ कमरों पर ताले लगा दिए गए। मामला गोपनीय रखा गया था। इसके बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं और विजिलेंस भवन के चारों ओर पुलिस तैनात कर दी गई। रात करीब दो बजे टीमें वहां से निकलीं, जबकि इसी दौरान मलोट में भी सीबीआई की कार्रवाई जारी रही। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे सीबीआई की टीमें दोबारा विजिलेंस कार्यालय पहुंचीं और पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर में छानबीन शुरू की। शुरुआत में कर्मचारियों को बाहर रोका गया, लेकिन बाद में उन्हें अंदर जाने दिया गया। करीब 10 बजे विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान अपने कार्यालय पहुंचे और बिना कुछ कहे अंदर चले गए। इसी दौरान सेक्टर-23 और एक अन्य स्थान पर भी सीबीआई ने दबिश दी, जहां से 9 लाख रुपए नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए।