अमेरिका गैंगवार में हरियाणा के युवक की हत्या:इंडियाना में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े व्यक्ति पर चलाई गोलियां,रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी

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अमेरिका के इंडियाना राज्य में गैंगवार की घटना सामने आई है। इस वारदात में एक हरियाणा के करनाल के गांव सांभी निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि एक अन्य युवक घायल बताया जा रहा है। मामला दो आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और जांच की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। मृतक की पहचान हरियाणा निवासी के रूप में हुई
गैंगवार में मारे गए युवक की पहचान वीरेंद्र सांभी के रूप में हुई है, जो हरियाणा के करनाल का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार वह वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है। रोहित गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी प्रतिद्वंद्वी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में बालजोत सिंह ने दावा किया कि इस वारदात को उसने और जस्सा ने अंजाम दिया है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाते हुए चेतावनी भी दी गई और आगे और हमलों की धमकी दी गई। अमेरिकी प्रशासन की ओर से अब तक कोई बयान नहीं
घटना के बाद से अमेरिका के संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभागों की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं और हमलावरों की पहचान व लोकेशन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पहले साथ था, बाद में अलग होकर बनाया गैंग
रोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार उसका नेटवर्क कनाडा और अजरबैजान जैसे देशों में भी सक्रिय बताया जाता है। उगाही, टारगेट किलिंग और हथियार तस्करी से जुड़ा नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार रोहित गोदारा गैंग पर उगाही, चुनकर की जाने वाली हत्याएं और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं। इसी नेटवर्क के जरिए विदेशों से भी गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। हरियाणा में पहले भी पकड़े गए थे गैंग के सदस्य
पिछले साल नवंबर में हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम से इस गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान नारनौल जिले के सैदपुर गांव के नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव के रूप में हुई थी। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार संजय पर दस और नरेश पर चार आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल थे।