कुरुक्षेत्र के पिहोवा में सारसा गांव के किसान से एजेंटों ने बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर 43 लाख रुपए का फ्रॉड कर लिया। एजेंट ने कनाडा का वीजा नहीं लगने पर 35 लाख रुपए में एक नंबर में अमेरिका पहुंचाने का झांसा दिया, लेकिन डेढ़ साल के बाद भी युवक का कोई अता-पता नहीं है। रोशन लाल निवासी सारसा ने बताया कि उसके बेटे उदय कुमार ने पीटीआई का क्रॉस किया था। पिछले साल जनवरी में उसने अपने पड़ोसी एजेंट बलदेव सिंह से उदय को विदेश भेजने की बात की। उससे स्टडी बेस पर कनाडा भेजने का पैकेज 25 लाख रुपए में तय हुआ। कनाडा वीजा हुआ रिफ्यूज कुछ दिन आरोपी एजेंट उसके बेटे उदय के डॉक्यूमेंट, सर्टिफिकेट और पासपोर्ट ले गया। बलदेव के साथ उसका साथी सुखबीर सिंह भी था। उन्होंने उसके बेटे की कनाड़ा जाने की फाइल तैयार करवाई, लेकिन 15 दिन के बाद आरोपियों ने बताया कि उसके बेटे का कनाडा वीजा रिफ्यूज हो गया। 35 लाख में अमेरिका की डील तब उन्होंने उदय को अमेरिका भेजने की भरोसा दिया। इस एवज में उन्होंने 35 लाख रुपए मांगे। उसने बजट की कमी बताई, लेकिन सुखबीर ने एक नंबर में अमेरिका पहुंचाने का आश्वासन दिया। वादा किया कि बिना परेशानी के उदय को अमेरिका पहुंचा देंगे। जमीन बेचकर पैसे जुटाए पैसे के लिए उसने अपनी 7 कनाल जमीन औने-पौने दामों में बेच दी। 2 महीने तक कोई काम नहीं हुआ, तो पासपोर्ट वापस मांगा। तब आरोपी ने विश्वास दिलाया कि जल्द उदय अमेरिका में होगा और सारी पेमेंट मेक्सिको पहुंचने पर देना तय हुआ। अमेरिका की जगह ब्राजील भेजा 7 अप्रैल 2024 को बलदेव और सुखबीर ने उदय को पिपली से दिल्ली एयरपोर्ट ले जाकर ब्राजील की फ्लाइट कराई। उदय एक सप्ताह तक ब्राजील में रहा। यहां पहुंचते ही आरोपी उस पर पैसे का दबाव बनाने लगे। तब उसने 16.80 लाख और 2 लाख रुपए आरोपियों को दिए। पैसे लेकर नंबर ब्लॉक कर दिए आरोपियों ने मेक्सिको का वादा करके ब्राजील में ही उदय को छोड़ दिया। कई महीनों तक उदय मेक्सिको में रहा, लेकिन एजेंट ने कोई खर्चा नहीं दिया। इस दौरान आरोपियों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया और उसके व उदय के नंबर को ब्लॉक लिस्ट में डाल दिया। रजत के साथ डील की उसके बाद उसने अपने गांव के ही रजत से संपर्क किया। रजत ने 24 लाख रुपए में अमेरिका भेजने की डील तय हुई। रजत ने अपने साथी एजेंट कमल जिला करनाल और जयकिशन निवासी इस्माइलाबाद से उसे मिलवाया। आरोपियों ने तुरंत उससे पैसे देने का दबाव बनाया। 18 लाख रुपए ट्रांसफर किए उसने 18 लाख रुपए आरोपियों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर किए और 6 लाख रुपए नकद दिए। रजत ने भी उसके साथ धोखा किया। रजत ने उदय को अमेरिका के बजाय ‘तापा चूल्हा’ (ग्वाटेमाला) भेज दिया। मई 2024 में इक्वाडोर से ग्वाटेमाला का सफर कराया। उदय के साथ नहीं कोई संपर्क करीब 43 लाख रुपए देने के बाद भी उनको उदय का कोई पता नहीं है। करीब डेढ़ साल से उदय के साथ कोई संपर्क नहीं हुआ है। उसके घर लौटने या अमेरिका पहुंचने की कोई खबर नहीं है। उनको किसी अनहोनी का डर भी सता रहा है। पुलिस ने शिकायत पर एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अमेरिका की जगह युवक को ग्वाटेमाला फंसाया:डेढ़ साल से संपर्क नहीं, अलग-अलग एजेंटों ने दिया धोखा, कुरुक्षेत्र के किसान से 43 लाख ठगे
