आप लोगों को खाटू श्याम के दर्शन करने हैं। भीड़ ज्यादा है। वीआईपी टिकट लेना ही आपके लिए फायदेमंद होगा। वैसे मैं कम रुपयों में आपको वीआईपी दर्शन करवा सकता हूं, मेरा यहां अच्छा जुगाड़ है… ये शब्द है एक ऐसे जालसाज के, जो लोगों को पहले भरोसे में लेता है, फिर रोजगार या अन्य माध्यम के लिए लोन दिलाने का कहकर नया खाता खुलवाता है। इन खातों को साइबर ठगों तक पहुंचा देता है, जिसमें लाखों का ट्रांजैक्शन हाेता है और एक अनजान आम इंसान उलझ जाता है। भिंड पुलिस ऐसे ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर राजस्थान से लाई है। ये सभी मीडिएटर का काम करते थे। ये जरूरतमंदों को खोजकर लोन दिलाने, नया बैंक खाता खुलवाने या सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। इनका नेटवर्क केवल भिंड तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश के साथ ही राजस्थान तक फैला हुआ है। साइबर ठगी के पांच आरोपियों ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। पूछताछ में दो ऐसे व्यक्तियों के नाम उजागर हुए हैं, जिनमें एक उमरी क्षेत्र का निवासी है, जबकि दूसरा इटावा का रहने वाला है। इन दोनों ने 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को अपने झांसे में लेकर उनके नाम से नए बैंक खाते खुलवाए। खातों की पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड और नए मोबाइल नंबर सहित पूरी जानकारी साइबर ठगों को सौंप दी गई। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को दुबई समेत अन्य देशों तक ट्रांसफर करने में किया जाता है। पुलिस ने पूछताछ के बाद इन एजेंटों की तलाश शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर ने पुलिस के साथ ही पीड़ितों से बात की, पढ़िए रिपोर्ट… दैनिक भास्कर की टीम उन लोगों तक पहुंची है, जिन्होंने बेरोजगार युवाओं को लोन दिलाने के नाम पर नए खाते खुलवाए और उनकी जानकारी साइबर ठगों को दी। इनमें उमरी क्षेत्र का रहने वाला छोटू यादव भी शामिल है। आरोप है कि इसी युवक ने फरियादी मनदीप सोनी का बैंक खाता खुलवाया और उसकी समस्त बैंक डिटेल साइबर ठगों को उपलब्ध कराई। फरियादी मनदीप सोनी के खाते के जरिए ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से 56 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की गई। यह पूरी राशि विदेश, विशेषकर दुबई तक ट्रांसफर की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। खाटू श्याम के 100 रुपए में वीआईपी दर्शन करवाया, फिर लोन के नाम पर ठगी
भिंड के रहने वाले मनदीप सोनी कहते हैं- मैं ठगों के झांसे में आ गया था। उन्होंने पहले भगवान के वीआईपी दर्शन सस्ते में करवाए, हमारा भरोसा जीता, फिर बड़े लोन का लालच देकर बैंक अकाउंट का दुरुपयोग किया। पीड़ित मनदीप सोनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह एक मोबाइल शाॅप में काम करता है। सालभर पहले वह दोस्तों के साथ राजस्थान स्थित खाटू श्याम के दर्शन करने गया था। भीड़ ज्यादा थी, हमें लगा दर्शन में काफी वक्त लग जाएगा। इसी दौरान हमारी मुलाकात संजय नामक युवक से हुई। उसने हमसे कहा- मैं जल्दी दर्शन करवा सकता हूं, वह भी सस्ते में। उसने 500 रुपए वाले वीआईपी दर्शन मात्र हमें 100 रुपए में करवा दिए। दर्शन के बाद हम बाहर आए और संजय के साथ कुछ वक्त बिताया। बातों-बातों में उसने हमारा भरोसा जीता। उसने दावा किया कि उसका नेटवर्क बहुत ऊपर तक है। पुलिस, अधिकारियों से लेकर बड़े नेताओं तक। हम सबसे से उसने यह पता किया कि हम काम क्या करते हैं। मैंने उससे कहा मैं मोबाइल बिजनेस में उतरना चाहता हूं। उसने कहा कि वह रोजगार के लिए भी बड़ा लोन दिला सकता है। मनदीप ने बताया कि मैं, मोबाइल शॉप में काम की जगह खुद अपनी मोबाइल शॉप ओपन करना चाहता हूं, इसलिए मुझे भी रुपयों की जरूरत है। संजय ने कहा- हो जाएगा। हमने उसकी बातों को सीरियस नहीं लिया और अपने घर लौट आए। कुछ दिन बाद संजय का फोन आया। इसके बाद एक-दो दिन में फोन आने लगे। उसने लोन की बात कही। एक दिन तो कहा- लोन का कोटा खत्म होने वाला है 8-10 सीटें बची हैं, लेना है तो जल्दी अप्लाई कर लो। यदि यहां नहीं आ पा रहे हो तो मेरे बंदे भिंड में ही बैंक अकाउंट खुलवा देंगे। इसके बाद छोटू यादव ने मुझसे संपर्क किया। इतना ही नहीं उसने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में मेरा नया अकाउंट खुलवा दिया। अकाउंट खुलवाते समय नई सिम भी एक्टिव करवा दी। उसने कहा- पहले 1 लाख रुपए आएंगे। 2 से 3 महीने में शेष राशि मिल जाएगी। मैंने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया। एक दिन रुपयों का स्टेटस चेक करने मैं बैंक चला गया। मैंने सीधे मैनेजर से संपर्क किया। मैनेजर ने अकाउंट चेक किया और खाते से हो रहे भारी लेन-देन को लेकर सवाल किए। मैंने बताया कि मैं मोबाइल शॉप पर नौकरी करता हूं। इस पर मैनेजर ने मुझे बहुत गौर से देखा और कुछ देर मेरे बारे में पूछता रहा। मेरी बातों को सुनकर उन्हें शक हुआ। उन्होंने कहा- तुम्हें पता है तुम्हारे खाते में कुछ ही महीनों में 57 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। ये पैसे कहां आए हैं, तुम्हें इसकी जानकारी है क्या। मैंने नहीं में जवाब दिया। इस पर उन्होंने कहा- अकाउंट का गलत इस्तेमाल हो रहा है और तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी। मनदीप ने उमरी थाना प्रभारी टीआई शिवप्रताप सिंह राजावत को पूरे मामले की जानकारी दी। पीड़ित ने बताया कि उसके दो साथियों समेत 6 लोगों के खातों का उपयोग रोजगार के नाम पर आरोपियों ने लोन दिलाने के बहाने किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। फिलहाल छोटू यादव और अभिषेक के मोबाइल फोन बंद हैं। भाई का अकाउंट भी खुलवाया मनदीप के छोटे भाई बद्री प्रसाद सोनी ने बताया कि मैं एक दुकान पर काम करता हूं। मनदीप को एक व्यक्ति ने लोन दिलवाने का कहा। उसके दस्तावेज भी ले लिए। बातचीत में वह भला इंसान लगा। उसने हमारा भरोसा जीता। मनदीप का सबकुछ सही हो रहा था, इसी कारण मैंने भी दुकान खोलने के लिए लोन लेने के लिए उसे अपने दस्तावेज दे दिए। करीब पांच माह पहले मेरा भी नया खाता खुल गया। भाई ने मोबाइल शॉप के नाम से लोन लेने का प्रस्ताव तैयार किया था और मैंने दुकाल खोलने के लिए प्रस्ताव बनवाया था। एजेंट छोटू के माध्यम से खाते खुलवाकर सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए गए। बाद में जब मनदीप को अपने साथ ठगी होने का संदेह हुआ, तो उसने मेरे खाते की भी जांच करवाई। जांच में सामने आया कि खाते में 28 लाख से अधिक की राशि का लेन-देन हुआ है। उमरी पुलिस के अनुसार बद्री प्रसाद सोनी का खाता भी फ्रीज है। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि दूसरे राज्य की पुलिस द्वारा इस खाते की जानकारी जुटाई जा रही है, इस कारण इसे फ्रीज किया गया है। तीसरा युवक भी आया झांसे में भिंड के ही रहने वाले मोबाइल दुकान संचालक चेतन श्रीवास्तव ने बताया कि उसे पता चला था कि कुछ लोग आसानी से लोन दिलवा रहे हैं। इसी भरोसे पर मैंने मनदीप सोनी के माध्यम से नया बैंक खाता खुलवाया और एजेंट छोटू के जरिए उसका उपयोग करने के लिए दे दिया। बाद में मनदीप को पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हो गई है। इस बात की जानकारी उसने मुझे दी।। मैंने अपने खाते की जानकारी जुटाई तो पता चला लाखों का हेरफेर हुआ, पर साइबर ठगों पहले ही खाते को खाली कर दिया। हालांकि अब मेरा वह खाता फ्रिज बता रहा है। प्रारंभिक जानकारी अनुसार मेरे खाते से करीब 35 लाख का ट्रांजैक्शन हुआ है। मैंने पुलिस को इसकी शिकायत की है। मास्टर माइंड दुबई से चला रहे नेटवर्क
उमरी थाना प्रभारी टीआई शिवप्रताप सिंह राजावत ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को भिंड की उमरी थाना पुलिस ने मानदीप सोनी समेत जिले के 15 लोगों के अकाउंट लेकर लाखों रुपए ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले पांच आरोपी पकड़े थे। ये पांच आरोपी मीडिएटर हैं जो कि भिंड के उमरी में छोटू यादव व अभिषेक सिंह नाम युवकों से अकाउंट कलेक्ट करते थे। पांचों आरोपियों को पुलिस सीकर से भिंड लेकर आई हैं। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर जब पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी जांच शुरू की, तो एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी आपस में दोस्त हैं और लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग व फर्जी लोन के नाम पर साइबर ठगी की गतिविधियों में शामिल रहे हैं। टीआई राजावत के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी केवल मीडिएटर की भूमिका निभा रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि इनके ऊपर बैठे मास्टर माइंड दुबई में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। यह गिरोह अलग-अलग जिलों से बैंक अकाउंट एकत्र करता है और उनका उपयोग ठगी की रकम के लेन-देन के लिए करता है। नेटवर्क में एक थर्ड पर्सन सक्रिय रहता है, जिसका काम जरूरतमंद युवाओं को लोन या रोजगार का लालच देकर उनके नाम से बैंक अकाउंट खुलवाना और फिर उन्हें गिरोह तक पहुंचाना होता है। यह भी पढ़े- 10 से 15 हजार में बिकते हैं बैंक अकाउंट मोबाइल पर खेले जाने वाले तीन पत्ती और लूडो किंग जैसे गेम्स मनोरंजन लगते हैं, लेकिन इनके पीछे करोड़ों की साइबर ठगी का नेटवर्क काम कर रहा है। इस नेटवर्क की सबसे मजबूत कड़ी हैं वे बैंक अकाउंट, जो 10 से 15 हजार रुपए में खरीदे जाते हैं। पढ़े पूरी खबर…
‘100 रुपए में खाटू श्याम के VIP दर्शन करवाकर फंसाया’:युवक ने बताया- कैसे ठगों ने उलझाया, बैंक अधिकारी ने पूछा- 57 लाख कहां से लाए
