योगी ने भरोसेमंद पूर्व IAS अवनीश अवस्थी का कार्यकाल बढ़ाया:CM के साथ जापान भी गए थे, सलाहकार के रूप में चौथी बार एक्सटेंशन

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी का कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। अब वह 28 फरवरी 2027 तक मुख्यमंत्री के सलाहकार बने रहेंगे। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी किया गया है। रिटायर्ड आईएएस अवस्थी, मुख्यमंत्री योगी के करीबी अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। यूपी के अपर मुख्य सचिव पद से फरवरी 2022 में रिटायर होने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था। इसके बाद लगातार चौथी बार उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री के चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर भी वह उनके साथ रहे। शुक्रवार भोर में मुख्यमंत्री लखनऊ लौटे हैं। पहले देखिए 3 तस्वीरें… अपर मुख्य सचिव के पद से रिटायर होते ही बने सीएम के सलाहकार 1987 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी 31 अगस्त 2022 को उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें अपना सलाहकार नियुक्त किया था। इसके लिए प्रशासन ने एक अस्थाई ‘निःसंवर्गीय पद’ का सृजन किया। पहली बार उन्हें फरवरी 2023 तक नियुक्त किया गया था, इसके बाद इसे बढ़ाकर फरवरी 2024 किया गया। फिर फरवरी 2025 और फरवरी 2026 तक सेवा विस्तार मिला। अब चौथी बार उन्हें फरवरी 2027 तक सेवा विस्तार मिला है। एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के ‘आर्किटेक्ट’ अवनीश अवस्थी ने उत्तर प्रदेश में सबसे लंबे समय तक गृह विभाग संभाला। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाया गया। उन्होंने सूचना विभाग, गृह विभाग और यूपीडा (UPEIDA) के सीईओ के रूप में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को गति देने में अहम भूमिका निभाई। गंगा एक्सप्रेसवे भी अब लगभग तैयार हो चुका है।
कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन प्रबंधन और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में भी उनकी विशेष भूमिका रही, जिसे काफी सराहा गया। नई चुनौतियां और आगामी लक्ष्यों पर नजर चौथी बार सेवा विस्तार मिलने के साथ अब अवनीश अवस्थी के कंधों पर उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी है। विशेष रूप से सिंगापुर और जापान के दौरों से आए ढाई लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर लागू करना और औद्योगिक गलियारों को विकसित करना उनकी प्राथमिकता होगी। अगले साल होने वाले चुनाव से पहले प्रदेश की बड़ी परियोजनाओं को पूरा कराने पर भी जोर रहेगा। शासन का मानना है कि उनकी निरंतरता से यूपी के विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक समन्वय बना रहेगा। ———————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- क्रिकेटर रिंकू सिंह ने पिता की अर्थी को कंधा दिया:टी-20 वर्ल्ड कप छोड़कर आए; थोड़ी देर में अंतिम यात्रा श्मशान पहुंचेगी क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह करीब 4.36 बजे निधन हो गया। वे 60 साल के थे। उन्हें फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर था। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ से ग्रेटर नोएडा के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। पढ़ें पूरी खबर…