यमुनानगर पुलिस नोनी राणा के गुर्गों का लेगी रिमांड:फायरिंग में काबू तीनों आरोपी अस्पताल से डिस्चार्ज; विदेश में बैठे गैंगस्टर के खुलेंगे राज

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यमुनानगर में सिटी मॉल और एक निजी अस्पताल में शनिवार देर रात हुई सनसनीखेज फायरिंग तथा उसके बाद रविवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए तीनों आरोपियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पुलिस आज तीनों को अदालत में पेश करेगी और पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड की मांग करेगी। इस बीच मामले में कई नए खुलासे सामने आए हैं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ है कि पूरी वारदात विदेश में बैठे गैंगस्टर नोनी राणा के इशारे पर रंगदारी के उद्देश्य से अंजाम दी गई थी। अस्पताल से डिस्चार्ज, कोर्ट में पेशी की तैयारी मुठभेड़ में घायल होने के बाद तीनों आरोपियों का इलाज सिविल अस्पताल यमुनानगर में चल रहा था। डॉक्टरों द्वारा हालत स्थिर बताए जाने के बाद अब उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के बीच तीनों को हिरासत में ले लिया है और आज अदालत में पेश कर उनका पांच दिन का रिमांड मांगा जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क, गैंग कनेक्शन और साजिश की परतें खोली जा सकें। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश पुलिस जांच में सामने आया है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में गलत जानकारी देकर जांच को भटकाने की कोशिश की। मुख्य आरोपी गुरलाल ने खुद को कुरुक्षेत्र का निवासी बताया था, जबकि जांच में वह पंजाब के मसाना का रहने वाला निकला। करनाल जिले के तरावड़ी निवासी नितिन और सागर ने खुद को नाबालिग बताया, लेकिन दस्तावेजी जांच में दोनों बालिग पाए गए। इन खुलासों के बाद पुलिस अब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तैयारी में है। विदेश में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर हुई फायरिंग जांच अनुसार पूरी वारदात विदेश में बैठे गैंगस्टर नोनी राणा के इशारे पर अंजाम दी गई। आरोपियों को रंगदारी से जुड़े मामले में दहशत फैलाने के लिए तैयार किया गया था। पुलिस का मानना है कि अस्पताल और सिटी मॉल जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों को जानबूझकर निशाना बनाया गया, ताकि शहर में डर का माहौल बने और रंगदारी वसूली आसान हो सके। मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी शनिवार रात फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी शुरू कर दी थी। रविवार सुबह गांव सुड़ैल के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों तरफ से करीब 25–30 राउंड गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा आरोपी बाइक से गिरकर घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर ही काबू कर लिया था। मुठभेड़ के दौरान सीआईए-2 इंचार्ज राकेश को दो गोलियां और सीआईए-1 इंचार्ज राजकुमार को एक गोली लगी, लेकिन दोनों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना ने मुठभेड़ की गंभीरता को भी उजागर किया। फायरिंग की पूरी वारदात शनिवार रात करीब 11 बजे बाइक सवार तीनों हमलावर रेलवे रोड स्थित एक निजी मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में घुसे और 13–14 राउंड फायरिंग की। इसके कुछ देर बाद सिटी मॉल के बाहर भी गोलियां चलाई गईं और गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंकी गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने शहर में नाकाबंदी की। अगले दिन रविवार की सुबह करीब पांच बजे तीनों आरोपियों को गांव सुड़ैल के नजदीक घेर लिया। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई, जिसमें दो आरोपियों के टांग में गोली लगी जबकि एक बाइक से गिरकर घायल हो गया। पुलिस ने मौके पर ही तीनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल व चार चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल डेटा की जांच से गैंग कनेक्शन और साजिश से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है। एएसपी ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी मामले को लेकर आज एएसपी अमरिंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि तीनों आरोपी संगठित तरीके से रंगदारी से जुड़ी वारदात को अंजाम देने आए थे। उन्होंने कहा कि पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि विदेश में बैठे गैंगस्टर से उनका संपर्क कैसे हुआ, फायरिंग के लिए हथियार किसने उपलब्ध कराए और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस अब साइबर और क्राइम यूनिट की मदद से पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच इस दिशा में भी चल रही है कि क्या यह हमला पहले मांगी गई रंगदारी से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, सोशल मीडिया संपर्क और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। शहर में दहशत फैलाने की कोशिश पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों का मुख्य उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर फायरिंग कर शहर में भय का माहौल बनाना था। अस्पताल और मॉल को निशाना बनाकर उन्होंने आम लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की, ताकि रंगदारी की रकम वसूली जा सके।