उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे समाज कल्याण का एक अभिन्न अंग है आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम सभी अक्सर तनाव चिंता और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं विशेष कर युवा पीढ़ी इस समस्या से सबसे ज्यादा जूझ रही है। उन्होंने सभी को अवगत कराया कि हमें कार्य स्थलों पर, स्कूलों और समुदायों में भी मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है हमें एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए और सबके सामने अपनी बातें खुलकर बतानी चाहिए।
डॉक्टर एन के शर्मा ने कहा कि हमें मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में मौजूद कलंक को दूर करने के लिए जागरूकता बढ़ाने होगी। इस प्रकार हॉफ वे होम में रह रहे मानसिक रोगियों से भी उन्होंने बातचीत की, किस प्रकार उन्हें अपने घर से दूर बालूगंज शिमला में आना पड़ा कुछ रोगियों ने अपनी समस्याओं को बताने की कोशिश की, उन्होंने आश्वासन दिया कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि उन्हें उनके घर तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने बताया कि अभी तक 11 मानसिक रोग मुक्त व्यक्तियों को उनके घर पहुंचाया गया है जिनमें से दो व्यक्तियों को नौकरी पर भी लगाया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिमाचल प्रदेश तथा सहयोग बाल श्रवण विकलांग कल्याण समिति मंडी के आपसी सहयोग से यह संस्थान पिछले 5 वर्षों से मानसिक मुक्त रोगी व्यक्तियों के कल्याण हेतु कार्य कर रहा है।
