पानीपत रिफाइनरी में रेट मानकों को लेकर श्रमिकों का विरोध:वाटर कैनन और टियर गैस गाड़ी एक्टिव; दंगा विरोधी दस्ता मुस्तैद

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पानीपत रिफाइनरी में सोमवार 23 फरवरी से चल रहे श्रमिकों का प्रोटेस्ट अब लगातार तूल पकड़ रहा है। सोमवार के अलावा श्रमिकों ने बुधवार को भी सुरक्षा बलों पर पथराव किया था। गुरुवार को फिर से माहौल गर्म होता दिखाई दे रहा है। एक दिन पहले सभी मांगें मान जाने के बाद श्रमिक संतुष्ट हो गए थे, लेकिन गुरुवार को फिर से श्रमिकों ने अपनी और मांग रख दी। सीटू के बैनर तले श्रमिक इक्ट्‌ठे हो गए और प्रदर्शन करने लगे। वहीं, पुलिस ने श्रमिकों को काम पर वापस लौटने की बात कही। माहौल गर्म होते देख पुलिस ने आज वाटर कैनन गाड़ी भी बुलाई है। दंगा विरोधी दस्ता भी मुस्तैद किया है और टियर गैस गाड़ी भी अलर्ट की गई है। 2013 का वेतन डिस्प्ले किया पानीपत रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि जो हमें वेतन देना चाहिए था, वह दिया नहीं जा रहा। जो 2013 का वेतन है, उसको डिस्प्ले कर दिया गया है। हमें यहां पर कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही, इसलिए हम काम पर नहीं गए। वहीं रिफाइनरी में सुरक्षा को देखते हुए आज दूसरों जिलों से 5 DSP, करनाल और कैथल जिले की पुलिस समेत मधुबन पुलिस लाइन से पुलिस बल पहुंचा है। बुधवार को किया था पुलिस पर पथराव रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूरों ने बुधवार को फिर पुलिस पर पथराव कर दिया। मजदूरों ने सुबह रोड पर जाम लगाया था। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और भीड़ भड़क गई। पुलिस फोर्स ने भी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक व्यक्ति का हाथ भी टूट गया। मजदूरों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी 8 घंटे की ड्यूटी समेत अन्य मांगें मान ली थी। अब उनकी मांग है कि इन मांगों को पूरी रिफाइनरी में बोर्ड पर लिखवाया जाए। साथ ही, जो ठेकेदार इसका पालन न करे, उसके खिलाफ FIR दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। IOCL अधिकारियों के आश्वासन पर लौटे थे वापस दोपहर तक माहौल तनावपूर्ण रहा। इसके बाद IOCL के अधिकारियों ने अपने लैटर हेड पर लिखित में आश्वासन दिया, जिसके बाद मजदूर मान गए। वह कल से काम पर लौटेंगे। इससे पहले, 23 फरवरी को भी मजदूरों ने रिफाइनरी में सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया था। साथ ही गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। माहौल शांत करने के लिए CISF ने 2 हवाई फायर भी किए थे। सदर थाने में ढाई हजार अज्ञात मजदूरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जानिए कैसे हुआ विवाद…. 24 फरवरी को मीटिंग में सहमति बनी रिफाइनरी के अंदर कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। यहां ठेकेदारों के अंतर्गत लगभग 35 से 40 हजार मजदूर अलग-अलग साइटों पर काम करते हैं। 23 फरवरी को मजदूरों के प्रदर्शन के बाद 24 फरवरी को पानीपत में ही मजदूरों की DC वीरेंद्र दहिया, SP भूपेंद्र सिंह और रिफाइनरी के अधिकारियों से मीटिंग हुई थी। मीटिंग में मजदूरों की सभी मांगें मान ली गईं। काम पर जाने के बजाए इकट्‌ठे हुए बुधवार सुबह मजदूरों को काम पर वापस लौटना था। इससे पहले रिफाइनरी में पुलिस फोर्स तैनात की गई, लेकिन मजदूर काम पर जाने के बजाए इकट्ठे हो गए। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के अधिकारी उन्हें आश्वस्त कराएं कि उनकी सभी मांगें पूरी हो चुकी हैं।