दरअसल, जीतू पटवारी ने सोमवार को भोपाल में अपने आवास पर पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि महिलाएं सबसे ज्यादा शराब अगर पूरे देश में कहीं पीती हैं तो मध्य प्रदेश की पीती हैं। मध्य प्रदेश को यह तमगा मिला है। यह समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना देखने वाली भाजपा ने प्रदेश के ऐसे हालात कर दिए हैं। देश में शराब की सबसे ज्यादा खपत कहीं हैं तो मध्य प्रदेश में है। शराब की बिक्री और खपत आपकी सरकार ने प्रदेश में सबसे ज्यादा कर दी।
पटवारी के बयान को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बहनों का अपमान बताया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मप्र सरकार लाड़ली बहनों के लिए लगातार काम कर रही है। 50 फीसदी आबादी के लिए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा कई योजनाएं भी चलाई गई थी। प्रधानमंत्री जी तो 33 फीसदी अलग से आरक्षण देकर लोकसभा विधानसभा में भी जोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने न कभी आरक्षण दिया। न कभी बहनों को तवज्जो दी। न कभी लाड़ली लक्ष्मी से लेकर लाड़ली बहना जैसी कोई योजना चलाई। उल्टे कांग्रेस के द्वारा बहनों को शराबी कहना ये सारी बहनों आधी आबादी का अपमान है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष माफी मांगें।
प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ये वही कांग्रेस है, जहां महिलाओं को तंदूर में जलाया जाता है और कहा जाता है…वाह क्या टंच माल है। कांग्रेस के नेताओं ने मातृ शक्ति के अपमान की कसम खा रखी है। कभी इनके नेता अपनी पत्नी को तंदूर में जलाकर मार डालते हैं तो कभी किसी महिला को ईट के भट्ठे में डाल देते हैं। कांग्रेस के नेता याद रखें नारी नशा नहीं करती है। अपनी पर आज जाए तो दुष्टों का नाश जरूर कर देती है। कांग्रेस का राजनीतिक विनाश अब सुनिश्चित है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में कहा कि कांग्रेस का चेहरा कितना महिला विरोधी है, इसका एक अत्यंत निंदनीय उदाहरण मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान से सामने आया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अधिकांश महिलाएं शराब पीती हैं और सर्वाधिक शराब पीती हैं।
विवाद बढ़ने पर जीतू पटवारी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने जो रिपोर्ट दी, उस रिपोर्ट के आधार पर मैं कह रहा हूं। यह मेरा आरोप नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार हेल्थ सर्वे और सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह बात कही है।
वहीं, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने कहा कि ये आज का बयान है ही नहीं। आज से पहले के बयान का हिस्सा चलाया है। जीतू पटवारी ने मप्र में होने वाली नशाखोरी और सरकार द्वारा शराब खोरी और शराब वितरण को दिए जाने वाले प्रोत्साहन के कारण महिलाओं में भी शराब की प्रवृत्ति बढ़ने पर चिंता जताई थी।
