फरीदाबाद के मुजेसर गांव की रहने वाली 43 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान सोमवार शाम एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने नेहरू कॉलोनी स्थित भगवान महावीर अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है और कार्रवाई की मांग की है। मृतका बाला के बेटे विशाल ने बताया कि उनकी मां की आंखों के पर्दे का इलाज चल रहा था। उनका इलाज एक नंबर स्थित संतों का गुरुद्वारा चैरिटेबल अस्पताल में चल रहा था। वहीं से डॉक्टरों ने आंख में लगने वाले इंजेक्शन के लिए पर्ची बनाकर उन्हें भगवान महावीर अस्पताल भेजा था। विशाल के अनुसार, डॉक्टरों ने दोपहर करीब 2 बजे उनकी मां को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर आंख में इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के लगभग आधे घंटे बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनके मुंह से झाग निकलने लगा और हालत गंभीर हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने स्थिति संभालने के बजाय उन्हें तुरंत दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा। जब तक वे दूसरे अस्पताल पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजन बोले- कल किया था होलिका पूजन परिवार का कहना है कि बाला सुबह तक पूरी तरह स्वस्थ थीं। उन्होंने होलिका पूजन भी किया था और घर पर सामान्य रूप से काम कर रही थीं। उन्हें केवल शुगर की बीमारी थी, इसके अलावा कोई अन्य गंभीर बीमारी नहीं थी। इंजेक्शन लगाने से पहले अस्पताल में उनके सभी जरूरी टेस्ट किए गए थे और रिपोर्ट सामान्य बताई गई थी। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन या लापरवाही के कारण ही उनकी तबीयत बिगड़ी और एक घंटे के भीतर उनकी मौत हो गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस कर रही मामले की जांच : प्रवक्ता पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर अस्पताल के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
फरीदाबाद में इंजेक्शन लगने के बाद महिला की मौत:परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, आंख ऑपरेशन के लिए कराया था भर्ती
