विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पत्नी का पहला इंटरव्यू:रिचा बोलीं- खुशी दुबे ने 3 शादियां कीं, अपने नाम के आगे तिवारी, ठाकुर लिखे

Spread the love

कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी पहली बार कैमरे पर खुलकर बोलीं। रिचा दुबे ने कहा कि मैं कभी भी राजनीति में नहीं आना चाहती। अपने बच्चों के साथ जहां भी हूं, खुश हूं। 8 पुलिस वालों के दर्दनाक हत्याकांड के 5 साल बाद रिचा ने अमर दुबे की पत्नी खुशी पर सवाल उठाए। रिचा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहा कि खुशी दुबे ने तीन-तीन शादियां की हैं। वह सिर्फ पॉपुलैरिटी के लिए खुद को विकास दुबे से जोड़कर बयानबाजी करती है। खुशी ने तीन शादियां की हैं। वो खुशी दुबे क्यों लिखती है…? हिन्दू धर्म में तो दूसरी शादी मान्य ही नहीं है। वो खुशी तिवारी या खुशी ठाकुर लिखें। विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने खुशी को लेकर और क्या-क्या दावे किए दैनिक भास्कर से खास बातचीत में पढ़िए… रिचा का दावा- खुशी झूठ बोलती है, उसकी सच्चाई बताना जरूरी देश भर में चर्चित रहे बिकरू कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। उसकी पत्नी रिचा दुबे शनिवार को मीडिया के सामने आईं। उन्होंने बताया- वह मीडिया के सामने खुद को दुबे बताने वाली खुशी की सच्चाई बताने आई हैं। वह विकास दुबे पर उल्टे-सीधे आरोप लगाती है। खुशी दुबे अपना महिमा मंडन न कराए, क्योंकि उनकी असलियत मैं जान चुकी हूं। कहीं न कहीं शासन प्रशासन को भी इसकी जानकारी है। वो कहती है कि विकास दुबे के लोग उसे उठा ले गए। उसके भाई के सिर पर बंदूक रखी गई। ये बातें पूरी तरह झूठ हैं। ‘अमर से पहले खुशी ने दो शादी कीं’ अमर दुबे से पहले ही खुशी दो शादियां कर चुकी थी। कोई पुरवा निवादा करके एक गांव है। वहां कोई अतुल ठाकुर लड़का है। उसके पिता का नाम फूल सिंह है। खुशी की पहली शादी उसी से हुई थी। खुशी के मां-बाप विकास दुबे के गांव में गए थे। उसके माता-पिता ने कहा कि तिवारी लड़की होकर ठाकुरों के घर में बैठी है, आप उसे वहां से उठा लाइए। इसके बाद विकास के परिवार ने खुशी को वहां से बुलाया। खुशी को इसी दौरान कहीं से अमर का नंबर मिल गया था। इसके बाद अमर और खुशी में बातचीत होने लगी। खुशी बिना शादी के ही अमर के साथ रहने लगी थी। इसके तीन से चार महीने बाद उसकी शादी अमर दुबे से कराई गई। खुशी की शादी की सच्चाई गांव वाले भी जानते हैं। बस कोई कुछ कहता नहीं है। मैं भी नहीं कहना चाहती थी। न मैं उसकी शादी में गई और न जाना चाहती थी। मैं अगर वहां गई होती तो मेरी कोई फोटो मीडिया या किसी के पास भी जरूर होती। खुशी ने अमर से शादी की स्टोरी को मर्ज कर दिया रिचा दुबे ने बताया- खुशी जो झूठ बोल रही है, उससे मेरा और मेरे परिवार का दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। अमर दुबे और विकास एक खानदान के ही थे। अमर भतीजा नहीं था। विकास उसके बाबा थे और मैं उसकी दादी थी। इस रिश्ते से मैं और विकास अमर के मम्मी-पापा के चाचा-चाची हुए। पंचायत में जब खुशी के मां-पिता आए थे और बताया कि हम ब्राह्मण हैं और ठाकुरों के यहां कई महीने तक खुशी को शादी करके रखा गया। लीगल भी हुआ होगा। शादी की कई फोटो भी मिली हैं। उसने (खुशी दुबे ने) क्या किया कि अमर की शादी और खुशी को ठाकुरों के घर से लाने वाली स्टोरी को एक में मर्ज कर दिया। खुशी दो स्टोरी को एक ही शादी में मर्ज करके बताती है कि मुझे उठाकर लाया गया था। जबकि, ऐसा कहीं कुछ नहीं था। गांव वालों के अलावा पूरा समाज इस बात को जानता है। अमर से तो खुशी की शादी लीगल ही नहीं… रिचा दुबे ने कहा कि बहुत फेमस कांड है खुशी दुबे का। उसकी कहानी गांव ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों में 10 से 20 किलोमीटर तक सभी जानते हैं। फिर यह बिकरू कांड हो गया तो वह और फेमस हो गई। अगर उसकी तीसरी शादी हो गई तो खुशी और अमर की शादी लीगल कहां से है? फिर वह दुबे कहां से है। मायके से देखें तो उसे तिवारी कहा जाए या फिर ससुराल से देखा जाए तो वह ठाकुर हुई यानी कि खुशी ठाकुर। मैं हमेशा बिकरू गांव जाती हूं। एक बच्ची की शादी में शामिल होने गई थी। अभी भी मेरी वहां खेती है। विकास के जाने के बाद खेती का सारा काम मैं खुद देखती हूं। मैं मीडिया के सामने आकर रोकर खुद को अबला नहीं दिखाना चाहती हूं। कानूनी लड़ाई चल रही है। हिम्मत से डटी हूं। एयरफोर्स अफसर की बेटी हूं तो लड़ना मेरे खून में है। मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है। मुझसे बन पड़ेगा तो मैं खुशी की मदद करूंगी… खुशी एक मास्टर के बहकावे में आकर गलत बयानी कर रही है। वह जो बताता है, यह वही मीडिया में आकर बताती है। मैं उस मास्टर से कहना चाहती हूं कि प्लीज उसे गलत ब्रीफ मत करो। उसकी उम्र अभी कम है, लंबी जिंदगी जीनी है। खुशी पढ़े-लिखे, किसी के घर में उसकी शादी हो। उसका भविष्य बने। वह जो बनना चाहती है। उसके बनने के लिए सभी लोगों को उसकी मदद करनी चाहिए। मुझसे भी बन पड़ेगा तो उसकी मदद करूंगी। मगर उसको गलत ब्रीफ मत करो कि विकास एंड पार्टी उठाकर ले गई। छवि खराब करने के लिए गलत फिल्म बनाई रिचा दुबे ने कहा कि कोई संजय ओझा करके हैं, बिहार के हैं। उन्होंने कहा है कि मैंने विकास दुबे पर फिल्म नहीं बनाई है। फिल्म के टाइटल से पता चल रहा है कि उन्होंने किस पर फिल्म बनाई है। गाड़ी का नंबर यूपी 77 दिखाया है, वह बिहार के हैं बिहार का 77 दिखाते। उन्होंने विकास दुबे को लेकर फिल्म बनाई है, लेकिन अपने मन से कुछ भी बना दिया। विकास को शराबी, चरित्रहीन, मतलब कुछ भी दिखाया है। उन्होंने अपने मन से स्टोरी बनाई है और ये बताते हैं कि मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मैं राजनीति के लिए नहीं बनी राजनीति में आने के सवाल को रिचा दुबे ने सिरे से नकार दिया। बोलीं-मुझे लगता है कि मैं राजनीति के लिए नहीं बनी। राजनीति के लिए डिप्लोमैटिक होना चाहिए, मैं बहुत स्टेट फॉरवर्ड हूं। मेरे पास जो कुछ है, मैं अपने बच्चों के साथ बहुत खुश हूं। मैं राजनीति नहीं करना चाहती हूं। —————– यह खबर भी पढ़ें… बिकरु कांड की खुशी दुबे की मां का ऑपरेशन हुआ:सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उठाया खर्च, बोली- ब्राह्मण बेटी की मदद के लिए धन्यवाद कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे के पारिवारिक अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की मां का आपरेशन हो गया। खुशी ने एक वीडिया जारी कर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को धन्यवाद दिया। कहा- आपने एक ब्राह्मण बेटी की मदद की। इसके लिए हम जिंदगी भर आभारी रहेंगे। खुशी की मां गायत्री दुबे को करीब तीन साल पहले ब्रेन अटैक पड़ा था। इसके बाद डॉक्टरों ने उनको ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। पूरी खबर पढ़ें