गेहूं की बालियां होलिका दहन से दो-तीन दिन पहले तोड़कर सुखा ली जाती हैं. गेहूं के इन भुने हुए दानों को प्रसाद रूप में लेने से कई रोगों से मुक्ति मिलने की धार्मिक मान्यता है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है. लोकल 18 से बात करते हुए हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि होलिका दहन पर गोबर के बड़कुल्ले, गन्ना, सूखे मेवे की माला और गेहूं की सूखी हुई बालियां आदि भूनकर खाने की परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन गेहूं की बालियों की बात ही अलग है.
होलिका दहन में क्यों भूनी जाती हैं गेहूं की बालियां, इन बीमारियों से मुक्ति, हरिद्वार के पंडित से जानें मान्यता
