जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं:बंगाल से पहले 3 राज्यों में यही पैटर्न; महाराष्ट्र-दिल्ली-झारखंड के बाद तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी में छापेमारी

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पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बढ़ती सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ईडी का काम आर्थिक अपराधों की जांच करना, काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाना है, लेकिन कई बार उसकी कार्रवाई की टाइमिंग सवालों के घेरे में आ जाती है। ताजा मामला कोलकाता में आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी का है, जिसमें सीएम ममता बनर्जी और ईडी आमने-सामने है। बंगाल में इस साल मई से पहले विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले, 4 साल में 3 राज्यों (झारखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र) में ऐसा हो चुका है, जब ईडी ने पुराने मामलों में चुनाव से कुछ समय पहले बड़ी कार्रवाई की। इस साल बंगाल समेत तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी के साथ इन राज्यों में ईडी ने पुराने मामलों की फाइलें खोलना शुरू कर दिया है। यह पैटर्न नया नहीं झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद दबाव बना। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने आप का ताना-बाना बिगाड़ दिया। महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी से जुड़े मामलों के बीच दल टूटे और सरकारें गिरीं। कई बार चार्जशीट से पहले ही राजनीतिक समीकरण बदल गए। हालांकि, ईडी कहती है कि उसका काम केवल कानून के तहत जांच करना है, चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। ED के पैटर्न का एनालिसिस पश्चिम बंगाल : केस 5 साल पुराना, लेकिन पहला छापा चुनाव से 2-3 महीने पहले कोलकाता में आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर हाल की ईडी कार्रवाई जिस कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क से जुड़ी है, सीबीआई ने उसकी मूल एफआईआर 27 नवंबर 2020 को दर्ज की थी। ईडी ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। यह मामला अब 5वें साल में है, लेकिन कार्रवाई ठीक उस वक्त सामने आई, जब बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 में चुनाव होने हैं। दिल्ली: 2022 के मामले में 2024 में सीएम अरेस्ट हुए, 2025 में चुनाव थे 2022 में शराब नीति मनी-लॉन्ड्रिंग केस में सीबीआई और ईडी जांच की शुरुआत हुई। फरवरी 2023 में इस मामले में मनीष सिसोदिया और मार्च 2024 में तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई। फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव हुए और भाजपा सत्ता पर काबिज हुई। झारखंड: 2023 में केस दर्ज, 2024 में चुनाव से 10 माह पूर्व सोरेन अरेस्ट अगस्त 2023 में ईडी ने भूमि और मनी-लॉन्ड्रिंग का केस किया। दिसंबर में पूछताछ हुई। जनवरी 2024 में ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें अपना सीएम पद छोड़ना पड़ा था। नवंबर 2024 में चुनाव हुए। हालांकि, हेमंत सोरेन की पार्टी जीती और वे फिर सीएम बने। महाराष्ट्र: 2021 के मामले में 3 साल बाद चुनाव से 6 दिन पहले छापेमारी की मामला 2021 का था। 14 नवंबर 2024 को ईडी ने महाराष्ट्र और गुजरात में 23 स्थानों पर छापेमारी की और व्यापारी सिराज अहमद हारुन मेमन से जुड़े 125 करोड़ रुपए के मनी-लॉन्ड्रिंग और चुनावी फंडिंग ट्रेल को खंगाला। 20 नवंबर 2024 को चुनाव से छह दिन पहले इस मामले में विपक्षी दलों पर नोट और वोट जिहाद के आरोप लगे। इस चुनाव में भाजपा जीती थी। ————— बंगाल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… I-PAC छापेमारी विवाद; ED का ममता पर दखल का आरोप:सुप्रीम कोर्ट में कहा- हमसे सबूत छीनकर ले गईं, मामले की CBI जांच हो प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 12 जनवरी को टीएमसी के आईटी हेड प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जांच एजेंसी ने इन पर रेड के दौरान हस्तक्षेप करने और सबूत मिटाने का आरोप लगाया है।​​​​​​​ पूरी खबर पढ़ें… ममता बोलीं– मेरे पास शाह के खिलाफ पेन ड्राइव:मुझे छेड़ोगे तो छोड़ूंगी नहीं पश्चिम बंगाल में TMC के IT सेल के चीफ के ठिकानों पर 8 जनवरी को हुई ईडी रेड के विरोध में TMC ने दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर दो FIR भी दर्ज कराईं। उन्होंने 9 जनवरी को कोलकाता में मार्च भी निकाला। इस दौरान ममता ने दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव हैं। कहा कि दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं तक कोयला घोटाले की रकम पहुंचती है। पूरी खबर पढ़ें…