इस जीत के नायक रहे तेज़ गेंदबाज़ जेडन सील्स, जिन्होंने 8.2 ओवर में 6 विकेट झटके। यह पुरुष वनडे क्रिकेट में किसी वेस्टइंडीज गेंदबाज़ के संयुक्त रूप से दूसरे सर्वश्रेष्ठ आंकड़े हैं। वहीं, कप्तान शाई होप ने नाबाद शतक (100*) जमाते हुए टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला।
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज ने शुरुआती 43 ओवर तक धीमी बल्लेबाज़ी की और 200 रन के पार नहीं पहुंच पाए थे। लेकिन 44वें ओवर में होप ने मोहम्मद नवाज़ को लगातार दो छक्के लगाकर रफ्तार पकड़ी। इसके बाद होप और जस्टिन ग्रीव्स ने अंतिम 7 ओवरों में 100 रन जोड़ते हुए स्कोर 294/5 तक पहुंचा दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। सील्स ने पहले ओवर में सैम अयूब को आउट किया और फिर अब्दुल्ला शफीक को भी बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। तीसरा झटका उन्होंने मोहम्मद रिज़वान को दिया, जिनकी ऑफ बेल गेंद से हल्के से छूकर गिर गई। इसके बाद उन्होंने बाबर आज़म को एलबीडब्ल्यू कर पाकिस्तान को 23/4 पर ला दिया।
बाकी बल्लेबाज़ों में कोई भी टिककर नहीं खेल पाया। सलमान अली आगा और हसन नवाज़ ने कुछ समय जरूर बिताया, लेकिन रनगति लगातार बढ़ती रही। गुडाकेश मोती और रोस्टन चेज़ ने बीच के ओवरों में दबाव बनाए रखा। अंततः सील्स ने नसीम शाह और हसन अली को भी चलता किया, जबकि आखिरी रन आउट के साथ पाकिस्तान की पारी 92 पर सिमट गई।
इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने न केवल सीरीज 2-1 से जीती, बल्कि तीन दशकों से भी अधिक समय बाद पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने का सूखा खत्म कर दिया।
