प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे के अंदर दूसरा नोटिस भेजा है। कहा है कि आपको माघ मेले से हमेशा के लिए प्रतिबंधित क्यों न कर दिया जाए। मौनी अमावस्या के दिन आपने इमरजेंसी के लिए रिजर्व पांटून पुल पर लगा बैरियर तोड़ दिया। बिना अनुमति के बग्घी के साथ संगम की ओर जाने की कोशिश की। उस वक्त संगम में बहुत ज्यादा भीड़ थी। इससे भगदड़ का खतरा पैदा हो गया। आपके कृत्य से व्यवस्था छिन्न-भिन्न हुई। अगर 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो शंकराचार्य की संस्था को दी गई जमीन और सुविधाएं रद्द की जा सकती हैं। भविष्य में मेला क्षेत्र में प्रवेश से रोका जा सकता है। इसके अलावा, प्रशासन ने मेले में खुद को शंकराचार्य बताकर बोर्ड लगाने पर भी आपत्ति जताई है। कहा है- यह कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हो सकता है। बता दें कि ज्योतिषपीठ में शंकराचार्य की पदवी को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद और वासुदेवानंद के बीच विवाद है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 3 पॉइंट में समझिए विवाद शंकराचार्य विवाद और माघ मेले से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी- माघ मेले से बैन कर देंगे:प्रशासन ने दूसरा नोटिस भेजा; कहा- आपके कृत्य से व्यवस्था छिन्न-भिन्न हुई
