बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा:पत्थरबाजी में कई घायल, दुकानों में आगजनी; भाजपा का आरोप- भगवा झंडा फेंककर सनातन धर्म का अपमान किया

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज में रामनवमी जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच तीन अलग-अलग जगहों पर हिंसा हुई। इस दौरान दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान कई लोग घायल भी हुए। विवाद की शुरुआत रघुनाथगंज-फुलतला ट्रैफिक मोड़ पर हुई। यहां कुछ लोगों ने सड़क किनारे लगे एक होर्डिंग पर चढ़कर उसपर लगा केसरिया झंडा हटा दिया। इससे जुलूस में शामिल लोग भड़क गए और हालात बेकाबू हो गए। भाजपा ने आरोप लगाया कि भीड़ ने भगवा ध्वज को अपमानजनक ढंग से नीचे उतारा और फेंक दिया। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसकी वीडियो शेयर कर लिखा- यह भगवा ध्वज और सनातन धर्म का अपमान है। बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण, 23 अप्रैल को मुर्शिदाबाद सहित 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर वोटिंग है। मुर्शिदाबाद बंगाल के सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल है। यहां जनवरी 2026 में हिंसा में एक प्रवासी मजदूर की मौत हुई थी। अप्रैल 2025 में हिंसा में 3 लोगों की जान गई थी। हिंसा से जुड़ी तस्वीरें… रघुनाथगंज में धारा 144 लागू, सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ी हिंसा की एक और घटना शिशातला गांव में हुई, जहां तेज डीजे की आवाज के साथ जुलूस निकालने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। आरोप है कि इसके बाद गांववालों और जुलूस में शामिल लोगों के बीच हाथापाई हुई। लोगों ने एकदूसरे पर पथराव भी किया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे। फिलहाल प्रशासन ने पूरे रघुनाथगंज में धारा 144 लागू कर दी है। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग ——————————- चुनाव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बंगाल- चुनाव ड्यूटी ट्रेनिंग में CM ममता का विज्ञापन दिखाया:विरोध करने पर पोलिंग अधिकारी से मारपीट; असम में 700 उम्मीदवारों में से 58 महिलाएं पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में चुनाव ड्यूटी ट्रेनिंग में प्रोजेक्टर पर सीएम ममता बनर्जी से जुड़ा सरकारी विज्ञापन दिखाया गया। रानाघाट में ट्रेनिंग सेशन में कुछ पोलिंग अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई। चुनाव ड्यूटी में लगे सैकत चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और धमकी दी गई। इधर, असम विधानसभा चुनाव के लिए 722 प्रत्याशी मैदान में है। इनमें 8% यानी केवल 58 महिला उम्मीदवार हैं। पूरी खबर पढ़ें…