पुलिसकर्मी को लेकर विज-SP में नोकझोंक,VIDEO:कैथल में मंत्री बोले- इसे सस्पेंड करो, एसपी ने कहा- मेरे पास पावर नहीं

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हरियाणा के कैथल में शुक्रवार को ग्रीवेंस मीटिंग के दौरान मंत्री अनिल विज और SP उपासना के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह नोकझोंक जमीन खरीद में धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले को लेकर हुई। मंत्री विज ने SP को एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने का आदेश दिया। इस पर SP उपासना ने मंत्री विज से कहा कि उनके पास सस्पेंड करने की पावर नहीं है, क्योंकि वह कर्मचारी कुरुक्षेत्र में पोस्टेड है। यह सुनकर विज ने कहा कि जब वे सस्पेंड करने का आदेश दे रहे हैं, तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि वे DGP या फिर कुरुक्षेत्र SP को इस बारे में लिखें। SP ने कहा कि वे इस बारे में लिख देंगी। आखिर में DC अपराजिता ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। मंत्री विज और SP उपासना के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो भी सामने आया है। पहले जानिए वह मामला जिस पर विवाद हुआ…. जमीन में गड़बड़ मिलने पर पैसे वापस मांगे मीटिंग में शिकायत लेकर पहुंचे गांव तितरम निवासी मनदीप ने बताया कि उन्होंने करीब 2 साल पहले गांव के ही संदीप नामक व्यक्ति से एक एकड़ एक कनाल जमीन खरीदने की बात की थी। संदीप ने कहा था कि पूरी जमीन एक ही खेवट में है, लेकिन बाद में पता चला कि वह पांच अलग-अलग खेवटों में बंटी हुई थी। संदीप ने जमीन की शुरुआती रकम के तौर पर 7 लाख रुपए भी लिए थे। रुपए लेने के बाद जब मनदीप ने दस्तावेज जांचे और उसमें खामियां मिलीं, तो उन्होंने जमीन लेने से मना कर दिया और संदीप से अपने पैसे वापस मांगे। केस तितरम से करनाल ट्रांसफर कराया मनदीप ने बताया कि पैसे वापस न मिलने पर उन्होंने तितरम थाने में केस भी दर्ज करवाया। संदीप पुलिस विभाग में ASI के तौर पर कार्यरत है और इस समय उसकी पोस्टिंग कुरुक्षेत्र में है। मनदीप का आरोप है कि संदीप ने पुलिस के साथ मिलीभगत करके तितरम से इस केस को करनाल ट्रांसफर करवा लिया। अब वह संदीप से अपने रुपए वापस मांग रहे हैं, लेकिन उसे पैसे नहीं दिए जा रहे। उसे उसके पैसे वापस दिलाए जाएं और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब जानिए मंत्री विज और SP के बीच कैसे बहस हुई… विज बोले- जांच चलेगी, तब तक सस्पेंड रहेगा वीडियो में दिख रहा है कि मंत्री अनिल विज शिकायतकर्ता से बातचीत कर रहे हैं। शिकायतकर्ता कह रहा है कि “कार्रवाई होनी चाहिए सर।” वह आगे कहता है, “जब मामला यहीं का है और कार्रवाई हो सकती है, तो उसे कहीं और ट्रांसफर करने की क्या जरूरत है।” इस पर मंत्री विज ने कहा कि “मैं ऑर्डर दे रहा हूं, पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करो। साथ ही यह भी मेंशन करो कि जब तक जांच चलेगी, वह सस्पेंड रहेगा। उसने केस को प्रभावित करने की कोशिश की है।” SP ने कहा- मेरे पास पावर नहीं है तभी SP उपासना ने मंत्री विज से कहा कि “सर, यह मेरी पावर में नहीं है, ये कुरुक्षेत्र SP करेंगे।” यह सुनकर मंत्री अनिल विज भड़क गए। उन्होंने कहा कि “क्या पावर नहीं है? जब मैं कह रहा हूं सस्पेंड करो। आप हर काम में यही करती हो। आप DGP को लिखो।” इस पर भी SP यही कहती रहीं कि “सर, मेरे पास पावर नहीं है।” शिकायतकर्ता बोला- मंत्री जी के ऑर्डर हैं इसके बाद मंत्री विज ने SP को कहा कि “आप लिखिए कि मंत्री विज ने इस पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया है।” इस पर SP ने कहा कि “ठीक है सर, मैं लिख दूंगी।” तभी शिकायतकर्ता ने SP से कहा कि “मैडम, आप पहले वाले केस में भी ऐसे कर रही थीं और अब भी ऐसे ही कर रही हो।” SP ने कहा कि “वो पुलिसकर्मी दूसरे जिले में तैनात है।” शिकायतकर्ता ने कहा कि “जब मंत्री जी कह रहे हैं, तो इसमें कुछ बचा ही नहीं।” मंत्री विज ने कहा कि “मैं देखूंगा कि आदेश के बाद कौन कार्रवाई नहीं करता।”