इस मौके पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, पूर्व विधायक समरी लाल, रिम्स के निदेशक राज कुमार, अभिनेत्री नेहा झा, साहित्यकार जयश्री, भाजपा महिला मोर्चा की सीमा सिंह और अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के अध्यक्ष भगत वाल्मीकि सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।
मौके पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि जिन उद्देश्य को लेकर वाल्मीकि प्रकट उत्सव का आयोजन किया गया है इसका मकसद सामाजिक चेतना, एकाग्रता, एक सूट में बांधने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि जहां से वाल्मीकि जी वाल्मीकि बने उससे पहले का उनका व्यक्तित्व रहा उसे छोड़कर वे रामायण तक पहुंचे जो उनके शिक्षित होने का फल था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में उग्रवादी भी मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं। लेकिन अब ऐसी कोई व्यवस्था न हो जिससे उन्हें फिर से अपने पुराने जीवन मे लौटना पड़े। मंत्री ने कहा कि जब तक हम वाल्मीकि, पासवान, रजक, रविदास में बंटे रहेंगे तक तक हम उस स्थान पर नहीं पहुंच सकेंगे जहां तक हम सब को पहुंचना है। हमें एक होने की जरूरत है। एक होने में शिक्षा बडी भूमिका अदा कर सकती है। इसके लिए संगठित होने की जरूरत है। तभी हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में अनुसूचित जाति की पहचान समाप्त हो रही है। बाबा साहेब के आरक्षण के कारण ही आज हम अपने समाज से विधायक और मंत्री बने हैं। बाबा साहेब की व्यवस्था को समाज में बनाये रखने के लिए हमें संगठित होना ही होगा।
उन्होंने कहा कि भगवान राम ने माता सबरी के जूठे बेर खाये थे, लेकिन आज यह समाज में संभव नहीं है। अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए राजनैतिक व्यवस्था की जरूरत है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को एक मंच लाना होगा।
महर्षि वाल्मीकि की तरह ही ज्ञान बढाए समाज : बाउरी
पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने राम का परिचय 5000 वर्ष पूर्व ही दे दिया था और उनकी लिखी रामायण आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज को खुद को छोटा या अछूत नहीं समझना चाहिए, क्योंकि हम सभी के अंदर महर्षि वाल्मीकि हैं और उन्होंने जिस तरह से अपने ज्ञान और विज्ञान से रामायण की रचना की उसी तरह हमसब को भी अपने ज्ञान को बढ़ाने की जरूरत है।
पूर्व विधायक समरी लाल ने कहा कि शिक्षा हमारे समाज के लोगों की जरूरत है। शिक्षा से ही समाज का भला हो सकता है। हमारे समाज से कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने शिक्षा के बल पर समाज को सुधारने का काम किया है।
