शुक्रवार को होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह मटूड़ा के नेतृत्व में
बीआरओ कमांडर से गंगोत्री राजमार्ग के द्वितीय चरण के चौड़ीकरण को लेकर मुलाकात किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष 2026 चारधाम यात्रा से पूर्व सड़क को ठीक करने, सडक किनारे से भूस्खलन का मलवा हटाने व सड़क डामरीकारण करने का अनुरोध किया। वहीं बीआरओ कमांडर राजकिशोर ने बताया कि राजमार्ग के चौड़ीकरण की फिर से नई डीपीआर बनायीं जा रही है।
गंगोरी में भी नया पुल प्रस्तावित है। वर्तमान मे झाला, सुक्की से सड़क पेंटिंग कार्य गतिमान है। सड़क चौड़ीकरण में होटल एसोसिएशन द्वारा हर संभव मदद व सहयोग का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि सामरिक दृष्टि और चार धाम यात्रा के लिहाज से यह हाईवे अति महत्वपूर्ण है।
प्रतिनिधि मंडल मे प्रधान संगठन पूर्व अध्यक्ष प्रताप रावत, शूरवीर चौहान, अरविन्द कुकरेती, विमलकान्त सेमवाल, बिन्देश कुड़ियाल शामिल रहे।गौरतलब है कि ऑल-वेदर रोड परियोजना, जिसे चारधाम सड़क परियोजना भी कहा जाता है, उत्तराखंड में यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को जोड़ने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई यह परियोजना, हर मौसम में इन तीर्थस्थलों तक सुरक्षित और सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए है।
यह परियोजना सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है, जो सेना की आवाजाही के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा भी प्रदान करती है। लेकिन उत्तरकशी से भैरव घाटी तक करीब 90 किलोमीटर द्वितीय चरण का यह कार्य पहले वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में लटका रहा बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई पावर कमेटी गठित किया गया था। जिसमें बड़ेरी उत्तरकाशी से भैरव घाटी तक महज 12 मीटर चौड़ी करण की स्वीकृति मिली थी उसके बाद देवधर के हजारों पेड़ हाईवे के जद में आ रहे थे अब 11 मीटर चौड़ीकरण पर बिचार किया जा रहा।
वहीं इस बार मानसून सीजन में भागीरथी घाटी में आई बाढ़ से कुछ स्थानों पर भूस्खलन जोन सक्रिय होने के कारण अब बीआरओ एलाइनमेंट चेंज करना चाह रहा है जिसके चलते अपना डीपीआर तैयार की जाएगी ऐसे में गंगोत्री हाईवे का दूसरे चरण का चौड़ीकरण कार्य में विलंब होने की पूरी संभावना बन गई है।
