गौरतलब है कि विकास के नाम पर करोड़ों की लागत से बनी जिले में मोटर सड़क अब भ्रष्टाचार की मिसाल बन गई है। जिस डामर ने गांवों को तरक्की की राह से जोड़ना था, वही एक -दो साल में उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो रहें ।
जिले भर में भटवाडी़ ब्लॉक से लेकर मोरी ब्लॉक तक ऐसे सड़कों की फेरिस्त लंबी है। इस में सबसे बदहाली तो यमुनोत्री क्षेत्र के विधायक संजय डोभाल के चक्कर गांव को जोड़ने वाले बड़कोट -उपराडी
की सड़क मार्ग की है। जब विधायक के गांव को जोड़ने वाले मार्ग की ये हालत है तो अन्य दूरस्थ गांव की सड़कों की क्या हालत होगी।
इस मोटर मार्ग पर सैकड़ों लोग रोज अपनी जान जोखिम में डालकर इस सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं।
वर्ष 2021-22 में पीएमजीएसवाई विभाग ने पांच किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण पूरा शुरू हुआ था। वर्ष 20 20में कटिंग पूरी हुई और वर्ष 17 जून 2021 में करोड़ों रुपये की लागत से डामरीकरण किया गया। करोड़ों का यह डामर धीरे-धीरे उखड़ने लगा और पिछले दो साल में सड़क पूरी तरह बर्बाद हो गई। अब यह सड़क जगह-जगह से धंस चुकी है। इसमें वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं ।
ग्रामीणों पूर्व प्रधान शांति प्रसाद बेलवाल, नीतेश बेलवाल आदि का कहना है कि यह गुणवत्ता में भारी लापरवाही और सरकारी धन का दुरुपयोग की आंशका जाताई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय में गड़े भरने के नाम पर लिखों रूपये खर्च हो गये ,लेकिन सड़क की बदहाली किसी से छुपी नहीं है। ग्रामीणों ने मामले की जांच और सड़क के दोबारा डामरीकरण की मांग की है।
इस सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैरापिट बनाए जाने थे, लेकिन हकीकत में सिर्फ एक दो पैरापिट ही बने। बाकी सैकड़ों पैरापिट कागजों में ही रह गए। बिना पैरापिट की इस सड़क पर हर मोड़ पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
अधीशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई
पुरोला योगेन्द्र कुमार ने कहा कि सड़कों -उपराड़ी मार्ग का पैच वर्क चल रहा है इस में ठेकेदार पांच साल के मेंटनेंस में कार्य कर रहे हैं।
राजगढ़ -सरनौल मोटर व बड़कोट उपराडी मार्ग की शिकायत मिली है ।
गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा जेई को साइड पर माउंटिंग करने के निर्देश दिये।भूस्खलन, भू-धसाव से मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है दैवीय आपदा से धन स्वीकृत के लिए एस्टीमेट गए हैं।
