Uttarakhand Holi Celebration: उत्तराखंड के पहाड़ों में होली का त्योहार कभी केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि सामूहिक आत्मीयता और अटूट परंपराओं का उत्सव हुआ करता था. फाल्गुन की आहट मिलते ही गांव की चौपालों पर ढोल-दमाऊं की थाप गूंजने लगती थी और फाग के गीतों से पहाड़ की वादियां जीवंत हो उठती थीं. लेकिन आज वक्त की मार और बढ़ते पलायन ने इन खुशियों पर एक उदास परदा डाल दिया है. जिन गांवों में कभी सैकड़ों की भीड़ उमड़ती थी, वहां आज वीरानी छाई है और त्योहारों की रौनक अब बुजुर्गों की धुंधली होती यादों में सिमट गई है.
Uttarakhand: पहाड़ों की होली! पलायन की मार ने छीनी गांवों की रौनक, अब बस यादों में रह गया वो अपनापन
