हरियाणा के नए DGP पर दिल्ली में मंथन:UPSC ने बुलाई मीटिंग; 5 नामों में से 3 फाइनल होंगे, आज ओपी सिंह रिटायर होंगे

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हरियाणा के गृह विभाग ने कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह और होम गार्ड के कमांडेंट जनरल और नागरिक सुरक्षा निदेशक मोहम्मद अकील को कल सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त होने पर सेवानिवृत्त होने का आदेश जारी किया। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की पैनल कमेटी डीजीपी पद के लिए तीन अधिकारियों के पैनल को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेगी। यह पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। 1 जनवरी को नए डीजीपी के संबंध में आदेश जारी होने की संभावना है। पैनल में शामिल होने वाली कमेटी में यूपीएससी के अध्यक्ष, या उनकी अनुपस्थिति में, सदस्य, केंद्रीय गृह सचिव या उनके द्वारा नॉमिनेटेड व्यक्ति, राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, डीजीपी ओपी सिंह और गृह मंत्रालय द्वारा नॉमिनेटेड सीपीओ या सीपीएमएफ के प्रमुखों में से एक अधिकारी शामिल होंगे। कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह आज रिटायर होंगे। उनके साथ दो अन्य सीनियर ऑफिसर 1989 बैच के मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो चुके हैं। इसके गृह विभाग ने ऑर्डर जारी कर दिए हैं। डीजी जेल को वर्तमान में तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। पैनल में 5 आईपीएस अफसरों के नाम हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को यूपीएससी को 5 अधिकारियों शत्रुजीत कपूर (1990 बैच), एसके जैन (1991 बैच), अजय सिंघल (1992 बैच), आलोक मित्तल और अर्शिंदर चावला (दोनों 1993 बैच) के रिकॉर्ड सहित एक प्रस्ताव भेजा गया है। कपूर ने न्यूनतम कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए थे और साथी आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के बढ़ते दबाव के बीच उन्हें 14 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया गया था। 14 अक्टूबर को कपूर छुट्टी पर चले गए और 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को राज्य के डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। यहां पढ़ते हैं 3 अफसरों के डीजीपी बनने के दावों की क्या हैं वजहें.. अजय सिंघल: ये 1992 बैच के आईपीएस अफसर हैं। पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर के बाद ये सबसे सीनियर मोस्ट अफसर हैं। अभी एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख पद पर तैना हैं। सिंघल की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के नेताओं में अच्छी पकड़ है। इसके अलावा पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्‌टर के अफसरों की गुड लिस्ट में भी शामिल हैं। अपने कार्यकाल के दौरान ग्राउंड और पुलिसिंग के अच्छे पदों का अनुभव है। यही वजह है कि ये अभी पुलिस महानिदेशक (पुलिस) के पद पर सबसे आगे बने हुए हैं। आलोक मित्तल: ये 1993 बैच के आईपीएस अफसर हैं। पुलिस में आने से पहले उन्होंने करीब साल भर तक जमशेदपुर में टाटा मोटर्स में नौकरी की थी। आईपीएस आलोक ने ही देश में सबसे पहले 2007 में फरीदाबाद में बतौर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महिला पीसीआर शुरुआत की थी। इसके अलावा उन्हें पुलिस की ग्राउंड पोस्टिंग का अच्छा अनुभव है। वह एनआईए में भी रह चुके हैं। मित्तल पूर्व सीएम मनोहर लाल के काफी करीबी रहे हैं। उनके कार्यकाल में वह सीआईडी के ओएसडी भी रह चुके हैं। एएस चावला: 1993 बैच के आईपीएस अफसर हैं। नवंबर 2025 में सरकार ने इन्हें एडीजीपी रैंक से डीजी रैंक पर प्रमोट किया है। चावला के पास पुलिसिंग का अच्छा अनुभव है। अभी वह हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक के रूप में प्रशिक्षण और सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण काम देख रहे हैं। दोनों अधिकारियों का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सेवा रिकॉर्ड लंबे समय से प्रशंसनीय माना जाता रहा है। चावला नए डीजीपी की रेस में प्रबल दावेदार हैं। एक तो वह सीएम नायब सैनी के करीबी हैं। यहां पढ़िए डीजीपी पैनल में अब तक क्या हुआ… 12 दिन पहले पैनल भेजा: सरकार ने प्रदेश के नए डीजीपी पैनल के लिए 12 दिन पहले पांच आईपीएस अफसरों का पैनल भेजा, जिसमें हटाए गए पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम भी शामिल किया गया। UPSC ने FIR की डिटेल मांगी: पैनल भेजन के बाद यूपीएससी की ओर से चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई। ये एफआईआर आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में दर्ज की गई है। इसमें पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम शामिल है।