Pahadi Shadi Rituals: पहाड़ों की शादियों में सिर्फ रस्में नहीं होतीं, बल्कि उनमें छिपी होती है अपनों के बीच की मिठास और थोड़ा सा नटखट हंसी-मजाक. क्या आपने कभी सुना है कि आटे से बने ‘गुड्डा-गुड्डी’ भी शादी का अहम हिस्सा होते हैं? कुमाऊं और गढ़वाल की वादियों में आज भी ‘समधी-समधन’ बनाने की एक अनोखी परंपरा जिंदा है, जो दो परिवारों को सिर्फ रिश्ते से ही नहीं, बल्कि ठहाकों से भी जोड़ देती है. आइए जानते हैं क्या है ये रस्म.
पहाड़ी शादियों का अनोखा रिवाज! जहां ‘गुड्डा-गुड्डी’ बनते हैं समधी-समधन, जानिए इस दिलचस्प रस्म की कहानी
